सरस्वती विद्या मंदिर भराड़ू के छात्र आयुष का जेएनवी के लिए हुआ चयन

जोगिन्दरनगर : जोगिन्दरनगर उपमंडल की ग्राम पंचायत भराड़ू में स्थित हिमाचल शिक्षा समिति द्वारा संचालित बिष्ट राम सुख सरस्वती विद्या मंदिर भराड़ू के विद्यार्थी आयुष (सुपुत्र कमलेश कुमार) का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय पण्डोह में छठी कक्षा के लिए हुआ है। आयुष की इस उपलब्धि से समस्त विद्यालय परिवार और आयुष के गाँव में ख़ुशी की लहर है।

सरस्वती विद्या मंदिर भराड़ू के विद्यालय का सुन्दर भवन

प्रधानाचार्य ने दी बधाई

आयुष के चयन से पूरे सरस्वती विद्या मंदिर में ख़ुशी की लहर है। प्रधानाचार्य मदन लाल ने आयुष,उसके माता पिता व अध्यापकों को बधाई दी है। प्रधानाचार्य ने जोगिन्दरनगर डॉट कॉम से बातचीत करते हुए बताया कि आयुष होनहार छात्र है तथा कक्षा में हमेशा प्रथम आता रहा है।

प्रबंधक ने दी बधाई

विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रबंधक अर्जुन ने भी पूरी प्रबंध समिति की ओर से आयुष,उसके माता पिता व अध्यापकों को बधाई दी है तथा आयुष के उज्जवल भविष्य की कामना की है।

स्कूल का नाम हुआ रोशन

छात्र आयुष ने नवोदय में चयनित होकर अपना, अपने माता-पिता और अपने स्कूल का नाम रोशन किया है। बता दें सरस्वती विद्या मन्दिर भराड़ू स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा पढाई के साथ-साथ अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया जा रहा है।

वैला गाँव का निवासी है आयुष

छात्र आयुष ग्राम पंचायत बुहला भड़याड़ा के गाँव वैला का स्थाई निवासी है। उधर प्रधानाचार्य मदन लाल ने इसका श्रेय आयुष के माता पिता, विद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों को दिया है।

प्राइवेट नौकरी करते हैं आयुष के माता पिता

आयुष के पिता कमलेश कुमार चंडीगढ़ में प्राइवेट नौकरी करते हैं तथा माँ दक्षा भी जोगिन्दरनगर में प्राइवेट नौकरी करती हैं। आयुष के माता पिता बेटे की इस उपलब्धि से काफी खुश हैं। आयुष के माता पिता का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटा जरूर सफल होगा।

स्कूल स्टाफ का जताया आभार

आयुष के माता पिता ने बेटे की इस उपलब्धि हेतु समस्त सरस्वती विद्यालय परिवार का हार्दिक आभार जताया है। उन्होंनें बताया कि इस स्कूल में बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी दिए जाते हैं जोकि एक सराहनीय कदम है।

इस विद्यालय में पढ़ाएं

आयुष के माता पिता ने स्थानीय लोगों से आह्वान किया है कि अपने बच्चों को इस स्कूल में पढ़ाएं ताकि उनके बच्चे शिक्षित होने के साथ साथ संस्कारी बनें।

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