देव ऋषि पराशर मानवीय दखल के कारण नाराज हो गए हैं। देव पराशर के प्रांगण में सजने वाले बीस भादों मेले सहित झील में होने वाले स्नान को लेकर मंदिर कमेटी ने एडवाइजरी जारी कर भक्तों को झील से दूरी बनाने की सलाह दी है।

यह पहला मौका है, जब इस तरह से बीस भादों मेले में होने वाले पवित्र स्नान को लेकर मंदिर कमेटी ने एडवाइजरी जारी कर एक तरह से श्रद्धालुओं के स्नान पर रोक लगा दी हो।
बताया जा रहा है कि स्नान की रस्म को मंदिर कमेटी सहित देव पराशर के कार करिंदे तो सांकेतिक रूप में अंजाम तो देंगें लेकिन झील के बढे जल स्तर के मध्य नजर कोई भक्त ऐसा नहीं कर पाएगा।
बीस भादों का यह स्नान चार सितंबर को पडेगा।
एडवाइजरी जारी करने के पीछे मंदिर कमेटी ने तर्क दिया है कि झील की पवित्रता को बनाए रखने के लिए ही लोगों को देव पराशर के दरबार में न आने का आग्रह किया गया है।
झील का जल स्तर अपेक्षाकृत बहुत बढ़ा हुआ है और ऐसे में भक्तों के स्नान से झील की पवित्रता ही प्रभावित होगी। देव ने ही अपनी नाराजगी के संकेत दिए हैं, जिसके चलते मंदिर कमेटी बीस भादों स्नान को लेकर लोगों से मंदिर और झील से दूरी बनाने का आह्वान कर रही है।
देव पराशर मंदिर कमेटी प्रधान बलबीर शर्मा ने बताया कि देव पराशर मानवीय दखल से नाराज चल रहे हैं। ऐसे में लोग झील और मंदिर में तभी आएं जब उनमें आस्था हो अन्यथा परहेज ही करें।
नाराजगी के संकेत
देव पराशर मानवीय दखल से नाराज चल रहे हैं इसके संकेत भी दिए हैं। मंदिर कमेटी के पदाधिकारी यह बता रहे हैं कि मंदिर तक सडक़ निकालने के दौरान भी बारिश ने खलल डाला था।
क्षेत्र को जोडने वाला बागी पुल तीसरी बार बह गया है और ज्वालापुर से बनाई जा रही सड़क पर भी भारी लैंडस्लाइड हो चुका है। पराशर क्षेत्र से सटी कालंग पहाड़ी भी दरक रही है।
यह भी पढ़ें >>