अब साइबर ठगों के निशाने पर पेंशनर्ज, अपडेट करते रहें पासबुक

सावधान ! साइबर ठग अब पेंशनधारकों को झांसे में फंसाकर उन्हें ठगी का शिकार बना रहे हैं। साइबर ठग खुद को बैंक कर्मी बताकर पेंशनधाराकों से बैंक सम्बन्धी जानकारी पूछ रहे हैं।

इस तरह के झांसे में फंसाकर शातिर पेंशनधारकों के बैंक खातों से राशि उड़ा रहे हैं। प्रदेश में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है।

शातिर साइबर ठगी के लिए आए दिन नए-नए हथकंडे अपनाकर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। शातिर लॉटरी, इनाम, एटीएम ब्लॉक होना, बैंक खाता वेरिफिकेशन कराने जैसी बातों में फंसाकर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

शातिर लोगों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर बैंक खातों से पैसा उड़ा रहे हैं। बैंक, आरबीआई, इंश्योरेंस कंपनियों के कर्मचारी बनकर डेबिट, क्रेडिट कार्ड, आधार और पैन कार्ड की डिटेल लेकर शातिर लोगों को चूना लगा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बैंक खाते से जुड़ी जानकारी साझा न करं, बैंक खाते से जुड़ी ठगी के लिए साइबर क्रिमिनल आपके बैंक खाते और एटीएम से जुड़ी जरूरी जानकारियों के ही सहारे होते हैं।

कोई भी बैंक आपसे इस तरह की जानकारी नहीं मांगता, इसलिए आप अपने खाते से जुड़ी जानकारी किसी के साथ शेयर ना करें।

फ्रॉड कॉल आने पर इसकी जानकारी पुलिस को दें ताकि पुलिस उस ठग तक पहुंच सके और भविष्य में वो किसी और के साथ ठगी न कर सके।

एसपी साइबर क्राइम रोहित मालपानी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर क्राइम के मामलों में दिन प्रतिदिन इजाफा हो रहा है।

हालांकि इसे रोकने लिए सरकार कदम भी उठा रही है, लेकिन हमें स्वयं भी जागरूक होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सावधानी से ही साइबर क्राइम से बचा जा सकता है।

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