नूरपुर बस हादसा : ख्वाड़ा गाँव में एक साथ जली 12 चिताएं

नूरपुर : कांगड़ा जिले के नूरपुर के पास मलकवाल-ठेहड़ लिंक रोड पर चेली गांव में हुए दर्दनाक बस हादसे में सबसे ज्यादा जख्म ख्वाड़ा गांव मिले हैं। इसी गांव के काफी चिराग बुझ गए थे।

ख्वाड़ा गाँव को मिले जख्म

बताया जा रहा है कि ख्वाड़ा गांव में मंगलवार को एक साथ 12 बच्चों की चिताएं जली। मृतकों के परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। हादसे में 23 बच्चों की मौत हुई है, इनमें 12 लड़के और 11 लड़किया थीं।

एक ही गाँव के बुझे 10 चिराग

इस स्कूल बस हादसे में इस गांव के 10 चिराग पलक झपकते ही बूझ गए। ख्वाड़ा गांव से ही भविष्य जम्बाल सुपुत्र राधव जम्बाल, हर्ष पठानिया सुपुत्र राधव सिंह, परमीश ठाकुर पुत्र रघुनाथ निवासी, स्नेहा सुपुत्री अजय सिंह, पलक जम्बाल सुपुत्री राजेश सिंह, प्रणव सुपुत्र कर्म सिंह निवासी ख्वाड़ा, जानवी और कार्तिक कटोच सुपुत्र सुरजीत कटोच शामिल हैं।

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