सीबीआई टीम ने गुड़िया की माँ के फोन को कब्जे में लिया

क्राइम सीन को किया गया री क्रिएट

गुड़िया मर्डर मामले में जांच कर रही सीबीआई टीम ने वीरवार को कोटखाई के दांदी जंगल में खुद गुड़िया बनकर क्राइम सीन को री क्रिएट किया। दरअसल, मर्डर वाले स्थान पर एक अवसर को खड़ा किया गया जहां गुड़िया का शव मिला था और अन्य लोगों को सड़क के आसपास 100 मीटर की दूरी पर आरोपी राजू के डेरे नेपाली की बस्ती  के क्षेत्रों में खड़ा किया गया । जानकारी के मुताबिक, सभी यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि वारदात के समय अगर गुड़िया चीखी  चिल्लाई होगी तो उसकी अावाज कहाँ  तक गई होगी

 

 

पुलिस अधिकारी भी रहे मौजूद

पुलिस अधीक्षक एसएस गुरुम और डीअाई जी स्तर के एक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे । 3 स्पॉट से कभी हो -हो तो कभी हेलो -हेलो चिलाते रहे । बताया जा रहा है कि यह सारा सीन डीएसपी की निगरानी में किया गया । पुलिस अधीक्षक एसएस गुरुम और डीअाई जी स्तर के एक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे । सीबीआई पुलिस की इस बात को पुष्टि करना चाह रही थी क्या छात्रा से गैंगरेप वाकई इस स्पॉट के पास हुअा है।

सभी अफवाहों पर है सीबीआई की नजर

गुड़िया मर्डर मामले में जांच के दौरान जितनी भी अफवाहें सामने अाई, जिन पर सीबीआई की नजर है। चाहे गुड़िया के पास फोन होने की बात हो या फिर उसके फेसबुक प्रोफाईल की बात। सीबीआई इन सभी पहलुओं पर स्थानीय लोगों से लेकर तकनीकी उपकरणों की मदद ले रही है। बताया जा रहा है कि गुड़िया की मां के फोन को भी जांच के लिए कब्जे में लिया है। इसमें कॉल डिटेल के अलावा उस फोन से उपयोग किए जाने वाले सभी तरह के एप और उनमें दर्ज मैसेज व अन्य चीजों को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है ।

पुलिस ने नहीं किया गम्भीरता से काम

पुलिस जांच के दौरान कई तरह के एेसे लूप होल थे जिन पर उसने  गंभीरता से काम नहीं किया । यही कारण रहा कि उनकी जांच छह गिरफ्तारी के बाद सवालों में घिरी रही। वहीं दूसरी ओर सीबीआई आने वाले समय में कथित अारोपियों और उनके फोटो मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज पर डाले जाने व हटाए जाने को भी जांच में शामिल किया तो सीएम की आईटी टीम की मुश्किले बढ़ सकती है।
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