डैहनासर और नागचला में श्रद्धालुओं ने लगाई पवित्र डुबकी

जोगिंद्रनगर : जोगिंद्रनगर के हराबाग (नागचला) में भादो 20 के पवित्र स्नान, जिसे स्थानीय बोली में न्हौण कहा जाता है, के लिए दिन भर हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। इसके अलावा कांगड़ा, मंडी और कुल्लू जिला की सीमा में सटे लगभग 20 हजार फुट की ऊंचाई में स्थित चौहारघाटी के सबसे ऊपरी जोत डैहनासर में भी पवित्र स्नान के लिए सैकड़ों की तादाद में दूरदराज क्षेत्रों से पहुंचे। उल्लेखनीय है कि डैहनासर पहुंचने के लिए दुर्गम रास्तों और पैदल पगडंडियों के खराब होने के कारण यहां पैदल सफर करना किसी जोखिम से कम नहीं है, लेकिन धार्मिक आस्था के आगे, यह दुर्गम रास्ते भी श्रद्धालुओं का हौंसला नहीं तोड़ पाते हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि डैहनासर में पवित्र स्नान के लिए मंडी, कांगड़ा और कुल्लू जिला के अलावा अन्य जिलों के सैकड़ों लोग भी यहां पहुंचे और धार्मिक मनोरथ की प्राप्ति की।

नागचला में भादो 20 के पवित्र स्नान के लिए उमड़ी भीड़

पद्धर उपमंडल का प्रसिद्ध एक दिवसीय हिमरी गंगा मेला धूमधाम और शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। मेले में पवित्र स्नान के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं का तांता दिन भर लगा रहा। निःसंतान दंपतियों सहित अन्य श्रद्धालुओं द्वारा पवित्र स्नान के बाद मनौतियां मंगाने का दौर दिन भर चलता रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा मेले में सजी दुकानों में जमकर खरीददारी भी की गई। धार्मिक स्थल हिमरी गंगा में दिन भर जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ से यहां जगह भी छोटी पड़ गई। हालांकि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखकर पद्धर पुलिस के साथ साथ जिला पुलिस का दल भी दिन भर पद्धर से लेकर हिमरी गंगा तक तैनात रहा। श्रद्धालुओं ने हिमरी गंगा में स्नान के बाद नारला की गुप्त गंगा में भी स्नान कर धार्मिक अनुभूति का आनंद लिया। इससे पूर्व संध्या को हिमरी गंगा और गुप्त गंगा नारला में सारी रात भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। लगभग एक दर्जन से भी ज्यादा भजन मंडलियों द्वारा रात भर भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। सैकड़ों की तादाद में लोग भजन-कीर्तन के लिए यहां पहुंचे और रात भर धार्मिक धारा का प्रवाह चलता रहा।

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