सप्ताह के अंत तक विदा हो सकता है मानसून, बारिश-बर्फबारी का दौर थमा

हिमाचल प्रदेश में नवरात्र शुरू होते ही बारिश और बर्फबारी का दौर थम गया है। सोमवार को कई दिनों तक प्रदेश के सभी क्षेत्रों में धूप खिली। इस सप्ताह के अंत तक प्रदेश से दक्षिण पश्चिम मानसून के विदा होने का पूर्वानुमान है। आगामी दिनों में बारिश में कमी आने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज होने के आसार हैं। करीब दो सप्ताह बाद राजधानी शिमला में सोमवार को दिन भर धूप खिली।

प्रदेश में बीते दिनों हुई भारी बारिश से 114 सड़कों पर सोमवार शाम तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। 75 बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद हो गए हैं। शिमला में 58 सड़कें ठप हैं। 75 बिजली ट्रांसफार्मर और 11 पेयजल योजनाएं शिमला में ही बंद हैं। इसके अलावा चंबा में 27, कांगड़ा में 14, कुल्लू में 13 और किन्नौर और लाहौल स्पीति में एक-एक सड़क बंद है। शिमला में तीन कच्चे मकान और दो गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।

रविवार रात को पच्छाद में 167, डलहौजी में 77, धर्मशाला में 71, देहरा गोपीपुर में 68, चौपाल में 61, सोलन में 60, नयनादेवी में 58, धर्मपुर में 56, कांगड़ा में 54, पांवटा साहिब में 51, नगरोटा सुरियां में 49, चंबा में 48, नाहन में 45 और शिमला में 16 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

कल्पा में रविवार रात को न्यूनतम तापमान 6.0, केलांग में 6.6 और मनाली में 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। सोमवार को ऊना में अधिकतम तापमान 32.5, धर्मशाला में 26.0 और शिमला में 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

बीते सप्ताह सामान्य से 92 फीसदी अधिक बरसे बादल

प्रदेश में 19 से 25 सितंबर तक के सप्ताह में प्रदेश में सामान्य से 92 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। इस अवधि में 29 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। इस वर्ष 55 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। जिला सिरमौर में सबसे अधिक सामान्य से 221, ऊना में 195, शिमला में 189, कुल्लू में 141, सोलन में 135, चंबा में 109, किन्नौर में 84, बिलासपुर में 61, हमीरपुर में 19, कांगड़ा में 24, मंडी में 46 और लाहौल-स्पीति में 32 फीसदी अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि सितंबर में अभी तक सामान्य से 16 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले वर्ष 2021 और 2018 में भी सामान्य से अधिक बारिश सितंबर में रिकॉर्ड हुई थी। मानसून सीजन में अभी तक सामान्य से दो फीसदी कम बारिश दर्ज हुई है।

एक जून से 26 सितंबर तक प्रदेश में 715 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इस अवधि में 729 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 और 2018 में मानसून सामान्य रहा था। इस बार भी मानसून के सामान्य रहने के आसार हैं।

 

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