कांगड़ा घाटी की पृष्ठभूमि में दीवार के समान खड़ी, गगनचुंबी पर्वत श्रृंखला, धौलाधार की पहाड़ियों में नववर्ष के पहले दिन ही सीजऩ का पहला हिमपात देखने को मिला।

आखिर पिछले तीन महीनों से चल रहा लंबा सूखा नए वर्ष 2026 की पहली ही सुबह टूट गया, शाम ढलने तक वीरान पड़ी धौलाधार की पहाडिय़ों सहित निचले ट्रैकिगं स्थलों तक बर्फबारी का नज़ारा देखने को मिला।
जिसने स्थानीय लोगों, बागबानों-किसानों, कारोबारियों व पर्यटकों को बड़ी राहत प्रदान की। वहीं, शुष्क ठंड से खुश्क बीमारियों की चपेट में फंसे हुए लोगों को भी बड़ी राहत मिल सकेगी।
धर्मशाला में गुरूवार सुबह से ही तापमान में गिरावट देखने को मिल रही थी जिस कारण लोग जैकेट व टोपियों में सडक़ों पर घूमते देखने को मिले।
दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली व धर्मशाला शहर में बारिश व धौलाधार की चोटियों में बर्फबारी शुरू हो गई। सायं काल तक बर्फबारी नड्डी के ऊपरी क्षेत्रों बल्ह व माता गुणा मंदिर तक पहुंच गई।
पर्यटन नगरी धर्मशाला में 31 दिसंबर के दिन पर्यटक बड़ी संख्या में नववर्ष सेलिब्रेट करने पहुंचे थे और मौसम के करवट बदलने से पर्यटकों का भी धर्मशाला आना सार्थक साबित हुआ।
बर्फ की चादर से ढकी धौलाधार पर्वत श्रृंखला को देखने का मौका भी पर्यटकों को मिला। आज भी मौसम के खराब रहने व बारिश और बर्फबारी की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे हिमपात के त्रियूंड से भी नीचे आने की संभावना बनी है।
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों व स्थानीय व्यापारियों में भी ड्राई स्पेल टूटने को लेकर प्रसन्नता का माहौल है क्योंकि पहाड़ों में बर्फबारी के साथ ही पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने का मिलती है, जिससे होटल व अन्य पर्यटन से जुड़े व्यवसायों को अच्छी कमाई का मौका मिलता है।
खेती और सेहत के लिए बारिश संजीवनी
तीन महीने के ड्राई स्पेल के बाद हुई यह बारिश जहां खेती व बागवानी के लिए संजीवनी साबित होगी। लंबे समय से बारिश न होने के कारण बच्चों तथा बुजुर्गों में सूखी ठंड से बीमारियां हो रही थीं।
वहीं बारिश की शुरूआत से सूखी ठंड से होने वाले रोगों में अब काफी हद तक कमी आने की उम्मीद है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राहुल कटोच का कहना है कि नए साल की यह पहली बारिश फसलों के लिए टॉनिक का काम करेगी।
नएवर्ष पर पैक रही पर्यटन नगरी
बाहरी राज्यों के पर्यटक बड़ी संख्या में नए साल का स्वागत करने के लिए उत्साह के साथ पर्यटन नगरी धर्मशाला-मकलोडग़ंज पहुंचे। लोगों व कारोबारियों की ओर से पर्यटकों के लिए पंडाल लगाकर भी कार्यक्रमों का आयोजन गीत-संगीत व डिजे की धूनों के साथ किया गया।
नव वर्ष के पहले दिन पर्यटकों ने धर्मशाला के मकलोड़ंगज, भागसूनाग मंदिर, खनियारा के खड़ौता, अघंजर महादेव मंदिर खनियारा, थातरी, धर्मकोट, नड्डी, डल लेक, दलाईलामा मंदिर में घूमने के साथ ही प्रसिद्ध मंदिरों में शीश भी नवाया।
नए साल के जश्र के लिए कांगड़ा घाटी की पर्यटन नगरी पूरी तरह से पर्यटकों के लिए जैम पैक हो गई। पर्यटकों को कई स्थानों पर कमरों के दोगुने दाम भी चुकाने पड़े।































