श्रद्धा का केंद्र है श्री बाबा बालकरुपी मंदिर

जोगिन्दरनगर : हिमाचल प्रदेश में जिला मंडी के जोगिन्दरनगर से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर श्री बाबा बालकरुपी का मंदिर स्थित है. लोगों की श्रद्धा का केंद्र श्री बाबा बालकरुपी का यह मंदिर अति प्राचीन है. 9 नाथों और 84 सिद्धों में से एक श्री बाबा बालक नाथ हिमाचल प्रदेश और उत्तर भारत के राज्यों के सबसे प्रमुख देवताओं में से एक है. जोगिन्दरनगर -सरकाघाट सड़क मार्ग में गरोड़ू नामक स्थान (यहाँ बड़ा गेट भी बना है) से श्री बाबा जी के धाम के लिए बालकरूपी -टिकरू लिंक जाता है. बस वहीँ कुछ दूरी पर स्थित है श्री बाबा बालकरुपी का धाम.

हर आंगन में है श्री बाबा जी का मंदिर

श्री बाबा बालकनाथ का एक छोटा सा मंदिर हिमाचल प्रदेश के हर घर के अधिकतर आंगन में स्थित है. बाबा बालकरूपी का यह मंदिर स्थानीय और बाहरी लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र है. बालकरूपी नाम का अर्थ है “बाबा का बाल के रूप में अवतार”. प्राचीन विश्वास के अनुसार बाबा का बाल रूप में यह अवतार भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय का अवतार था.

यहाँ चढ़ाए जाते हैं जट्टू

बाबा बालकरूपी मंदिर में बच्चे के मुंडन संस्कार की रस्म निभाई जाती है. इस रस्म के तहत अढ़ाई साल से अधिक उम्र के बच्चे के बाल यहाँ समर्पित (स्थानीय भाषा में जट्टू) किए जाते हैं. लोग यहाँ बाजे -गाजे के साथ विशेष महीने में जातर लेकर आते हैं तथा श्री बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं.

दी जाती है पधाड़ी

नव दम्पति भी श्री बाबा के दरबार में हाजरी लगाते हैं जिसे स्थानीय भाषा में पधाड़ी (आभार प्रकट करना ) कहते हैं. पधाड़ी में गेहूं आदि श्री बाबा जी को समर्पित की जाती है. मान्यता के अनुसार पधाड़ी देकर लोग अपने सुखद भविष्य की कामना करते हैं.

खारिश की व्याधि से मिलती है मुक्ति

बाबा जी के मंदिर के पास ही भूचर नाथ का मंदिर है. मान्यता है कि यहाँ भूचरनाथ को हल्दी लगाने से खारिश आदि व्याधि से मुक्ति मिलती है. यहाँ भी भूचरनाथ को गेहूं समर्पित की जाती है.

मेलों का होता है आयोजन

विशेष महीनों में श्री बाबा जी के प्रांगण में यहाँ हर शनिवार को मेले लगते हैं. लोग भारी मात्रा में यहाँ जातर लेकर आते हैं तथा अपनी मुराद मांगते हैं तथा श्री बाबा जी का आशीर्वाद पाकर धन्य हो जाते हैं.

प्रशासन ने दिया मंदिर को नया लुक

स्थानीय प्रशासन और मंदिर कमेटी के सहयोग से श्री बाबा बालकरूपी के मंदिर को नया लुक दिया गया है. प्राचीन मंदिर के साथ साथ सराय भी बनाई गई है जहाँ श्रद्धालु रात्रि विश्राम भी कर सकते हैं.

ऐसे पहुंचें

श्री बाबा जी के धाम पहुँचने के लिए आपको पहले जिला मंडी हिमाचल प्रदेश के शहर जोगिन्दरनगर पहुंचना पड़ेगा. जोगिन्दरनगर -सरकाघाट मार्ग से गरोड़ू से श्री बाबा जी के मंदिर के लिए बालकरूपी -टिकरू लिंक रोड़ जाता है वहीँ कुछ ही दूरी पर स्थित है श्री बाबा जी का धाम. “जय श्री बाबा बालकरूपी”

धर्म-संस्कृतिहोम

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