50 साल बाद बना है इस सावन में ऐसा संयोग

सावन का महीना शुरू हो गया है। सावन का महत्व भारतीय समाज में किसी से छुपा नहीं है। सावन के महीने का अपना महत्व होता है। साल 2017 में सावन का महीना तो बेहद ही खास होने वाला है। इस बार एक ऐसा संयोग बन रहा है जिसके कारण कहा जा रहा है कि इस बार भोलेनाथ अगर प्रसन्न हो गए तो आपकी जिंदगी बदल जाएगी। जो चमत्कारी संयोग बन रहा है उसके बारे में भी हम आपको बताएंगे। लेकिन उस से पहले इस बार के सावन के महीने में खास क्या है ये बता देते हैं। सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि इस बार सावन के महीने में पांच सोमवार पड़ेंगे। यानि भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए आपको एक सोमवार अतिरिक्त मिलेगा।

सोमवार से शुरू, सोमवार से खत्म
इस बार सावन के महीने की सबसे खास बात ये है कि सावन का महीना सोमवार से शुरू होगा और सोमवार को ही खत्म होगा। सावन का महीने 7 अगस्त को खत्म होगा, उस दिन सोमवार है। ये संयोग 50 सालों के बाद बनता है। इसके अलावा इस बार सावन के महीने में तीन सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं। पहला सोमवार सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू होगा और आखिरी सोमवार के सर्वार्थ सिद्धि योग में खत्म भी होगा। इस बारे में पंडितों का कहना है कि सर्वार्थ सिद्धि योग का समय काफी शुभ होता है। सर्वार्थ सिद्धि योग अपने आप में सिद्ध है। बता दें कि इश दिन की गई पूजा, हवन औऱ यज्ञ का काफी ज्यादा महत्व होता है।

रोटक व्रत काफी अहम

जानकारों के मुताबिक सावन के महीने में रोटक व्रत की भी काफी महत्ता मानी जाती है। सावन के महीने में हर सोमवार को भगवान शिव-पार्वती की प्रीति के लिए व्रत रखकर शिवजी की बेलपत्र,दूध,दही, चावल, पुष्प तथा गंगाजल से पूजा करने से हर मनोकामना पूर्ण होती है. पांच सोमवार होने से रोटक व्रत कहलाते हैं. ये व्रत काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं.  सावन के हर सोमवार को भगवान शंकर के लिए व्रत और उनकी पूजा करने से उनकी विशेष कृपा होती है

आखिरी सोमवार को रक्षा बंधन
इसके अलावा इस बार आखिरी सोमवार को रक्षा बंधन का त्यौहार भी पड़ रहा है। इस दिन चंद्रग्रहण का साया भी रहेगा। 2017 के सावन के महीने के पूरे देश में तैयारियां चल रही हैं। माना जा रहा है कि हमेशा की तरह इस बार भी भोलेनाथ के दर्शन और पूजा के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी. काशी का मंदिर,उज्जैन का मंदिर, झारखण्ड का वैद्यनाथ धाम,रांची का पहाड़ी मंदिर, सोमनाथ का मंदिर, उतराखंड का केदारनाथ मंदिर के साथ साथ पूरे देश में भोलेनाथ के लिए लोगों की दीवानगी दिखाई देगी। इसके अलावा कांवड़ यात्रा भी शुरू हो गई है। कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। तो इस बार सावन के महीने में भोलेनाथ को प्रसन्न करने का मौका मत गवांना।

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