कागजी प्रक्रिया में उलझा जोगिन्दर नगर बाईपास

जोगिन्दरनगर : जोगिन्दरनगर के लोगों के लिए बाईपास की ख्वाइश अभी कई सालों तक पूरी होती दिखाई नही दे रही । यह बाईपास राष्टीय राजमार्ग-१५४ पर ढेलु से ब्रिज मंडी तक बनाया जाना प्रस्तावित है ताकि शहर को बढ़ते गाड़ियों के बोझ से निजात दिलाई जा सके । २०१० से चली बाईपास बनाने के प्रक्रिया अभी तक कागजों में ही उलझ कर रह गयी है ।अभी तक बाईपास के प्रथम चरण के भी प्रक्रिया पूरी नही हो पाई है ऐसे में बाईपास कब बनेगा यह कोई नही जानता है।

बाईपास के लिए मात्र ४ राजस्व मुहाल की महज ८४ बीघा १७ बिस्वे तथा १५ विस्वशी ही जमीन अधिकृत की जानी है फिर भी सालों से ये कार्यवाही पूरी नही हो पाई । बाईपास के तहत ढेलु मुहाल की ५०-११-२, दुल मुहाल की ६-१६-१९, पंजजन मुहल की १७-६-१४, तथा शानन मुहाल की १०-३-० बीघा भूमि अधिगृहित की जानी है । ठाकुर गुलाब सिंह ने कहा की जोगिन्दर नगर का बाईपास उनकी प्राथमिकताओं में है । इस पर करीब ४० करोड़ रुपए खर्च होने है जमीन के अधिग्रहण के लिए विशेष तौर पर एस.डी.एम. को शक्तियाँ इसलिए सौंपी गयी थी ताकि यह कार्य शीघ्र हो सके । वह इस काम में तेजी लाने के लिए एस.डी.एम. को आदेश देंगे ।

पंजाब केसरी के सौजन्य से

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