बिना तेल-घी से बना यह पकवान है हिमाचल की शान

हिमाचल अपनी बेजोड़ संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां के लोग जितने मेहनती हैं, उतने ही खाने की शौकीन भी हैं। यहां के व्यंजन सदियों से जायका बढ़ा रहे हैं।

आधुनिकता की चकाचौंध में बेशक पैक्ड फूड, जंक फूड, चॉउमिन-मोमो ने हर घर में घर कर लिया है, लेकिन हिमाचल के पारंपरिक व्यंजन आज भी हर घर की शान बने हुए हैं।

यह व्यंजन जितने स्वादिष्ट होते हैं, उतने ही हैल्दी भी। आज हम आपको जिस हिमाचली व्यंजन के बारे में बताने जा रहे हैं, वह 100 साल से भी पुराना है। यह ऐसा पकवान है, जिसमें अंडा, चिकन और पनीर से भी ज्यादा प्रोटीन है। बड़ी बात यह है कि इसे बनाने में न तो तेल का इस्तेमाल होता है और न ही घी का।

इसे देशी सुपर फूड भी कहा जा ता है, जिसका नाम है इंड्रे या इंडरा। कई जगह तो इसे पहाड़ों की इडली भी कहा जाता है, जो कुलथ या कुल्थी की दाल से बनाई जाती है। अगर आप भी पहाड़ के इस पकवान का जायका लेना चाहते हैं, तो इसे घर पर आप आसानी से बना सकते हैं।

इंडरा बनाने की रेसिपी

  • 200 ग्राम कुलथ की दाल को अच्छी तरह साफ करें और रात को गुनगुुने पानी में भिगोकर रख दें।
  • सुबह दाल से पानी को निकाल दें और फिर सिलबट्टे पर अच्छी तर पीसें। अगर सिलबट्टा नहीं है, तो मिक्सर में ग्राइंड करें। फिर 10 से 15 मिनट तक रहने दें।
  • इंडरा बनाने के लिए अब मसाला बनाएं।
  • मसाले में साबुत धनिया, साबुत जीरा और लाल मिर्च लें और तवे पर भूनें। इसके बाद इसे सिलबट्टे या कंूडी में पीसें।
  • अब अरबी के 2 से तीन टुकड़े लें और अच्छी तरह धो लें। फिर अरबी का छिलका निकालें और कद्दूकश करेंं।
  • अरबी इसलिए मिलाई जाती है, क्योंकि इसमें स्टार्च होता है और कई औषधीय गुण पाए होते हैं।
  • अब पिसी हुई कुलथी की दाल को 10-15 मिनट तक फेंटें, ताकि यह नरम हो जाए।
  • अब कद्दूकश अरबी और कुल्थी की दाल को अच्छी तरह से मिलाएं। साथ ही स्वादानुसार नमक और मसाला डालें। फ्लेवर के लिए इसमें हींग और हरा धनिया भी मिला सकते हैं।
  • अब आपका सारा मिश्रण तैयार है।
  • इसे पकाने के लिए स्टीमर का यूज करें। स्टीमर के अंदर हल्का सा तेल लगाएं।
  • अब इस मिश्रण के पेड़े बनाएं और 10 से 15 मिनट तक स्टीम करें, ताकि यह अच्छी तरह से पक जाए।
  • पहाड़ों की यह इडली अब खाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसे टोमेटो सॉस या खुद की बनाई चटनी के साथ परोसा जाता है। कुछ लोग चाय या छाछ के साथ भी इसका सेवन करते हैं।
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