सिराज में सबसे ज्यादा, सरकाघाट व जोगिन्दरनगर में हुई कम वोटिंग

हिमाचल प्रदेश राज्य सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के साथ नामी फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के चुनाव लड़ने के कारण हॉट सीट हुई मंडी का वोटिंग ट्रेंड भी चौंकाने वाला रहा है। हिमाचल की चार लोकसभा सीटों में से इसी संसदीय सीट पर सबसे ज्यादा करीब 72.5 फीसदी वोटिंग हुई है।

सिराज में वोट डालने के बाद 65 वर्षीय श्री रामचंद्र और श्री नेत्र

लेकिन विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से देखें तो वोटिंग में कई संकेत छिपे हैं। कुल 17 विधानसभा क्षेत्र में से 13 विधानसभा क्षेत्रों में 70 फ़ीसदी से ज्यादा मतदान हुआ है।

नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के चुनाव क्षेत्र सिराज में सबसे ज्यादा 79 फ़ीसदी वोटिंग हो गई है। यह पिछले दो चुनावों से हालांकि 2 फीसदी कम रही है। दूसरे नंबर पर नाचन विधानसभा क्षेत्र में भी 78 फ़ीसदी की वोटिंग हो गई है।

इसके बावजूद भाजपा के लिए सरकाघाट चिंता का सबब बन गया है, जहां 67 फ़ीसदी से नीचे वोट प्रतिशत रहा है। इसी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी कंगना रनौत का अपना घर है। रामस्वरूप शर्मा के समय भारी लीड देता रहा जोगिंदर नगर भी इस बार काम वोटिंग पर फंस गया है। जोगिंदर नगर का वोट प्रतिशत 68 फीसदी से थोड़ा सा अधिक है।

सिराज विधानसभा क्षेत्र के तहत लम्बाथाच कालेज मतदान केंद्र में लगी वोटरों की कतार

यदि वीरभद्र सिंह परिवार का गढ़ रहे रामपुर बुशहर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां भी वोट प्रतिशत 74 फ़ीसदी से ज्यादा है। जिन विधानसभा क्षेत्र में 70 फ़ीसदी से कम मतदान हुआ है,

उनमें भरमौर 63 फ़ीसदी, मनाली 62 फ़ीसदी, जोगिंदर नगर 68 फ़ीसदी और सरकाघाट करीब 67 फ़ीसदी रहा है। मंडी जिला के धर्मपुर में भी 64 फ़ीसदी मतदान हुआ है लेकिन यह विधानसभा क्षेत्र हमीरपुर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है।

मंडी सीट पर भाजपा के पास सबसे ज्यादा विधायक हैं। जिला की 10 विधानसभा सीटों में से 9 में भाजपा के विधायक हैं और ये सभी सीटें मंडी संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हैं। भाजपा के लिए नाचन विधानसभा क्षेत्र भी इस बार बहस का विषय बन गया है।

पिछले संसदीय उप चुनाव में यहां से पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह को लीड मिल गई थी। इस बार ऐसा न हो, इसके लिए भाजपा ने पहले से तैयारी की थी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की पहली रैली यहीं करवाई गई थी।

वोट प्रतिशत के हिसाब से अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने पक्ष में दावे कर रहे हैं। इन दावों की असली परीक्षा 4 जून को नतीजे में सामने आएगी, क्योंकि विभिन्न एजेंसियों का एग्जिट पोल हिमाचल में संसदीय चुनाव में 4-0 भाजपा के पक्ष में दिखा रहा है। एग्जिट पोल की हकीकत भी नतीजे ही बताएंगे।

होम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *