गुड़िया मामले में सीबीआई ने किये आईजी समेत 8 पुलिस कर्मी गिरफ्तार

बहुचर्चित कोटखाई रेप एंड मर्डर मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने हिमाचल पुलिस के एसआईटी प्रमुख आईजी जहूर एच जैदी और डीएसपी मनोज जोशी समेत 8 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तारी से मचा हडकंप

सीबीआई के इस कदम के बाद हिमाचल पुलिस के होश उड़ गए हैं। सीबीआई ने फोन डिटेल्स और अन्य दस्तावेजों के आधार पर गिरफ्तारियां की हैं। पुलिस अधिकारियों को किस आरोप में गिरफ्तार किया इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है।लेकिन बताया जा रहा है कि कोटखाई थाना में लॉकअप में हुई मौत मामले में ये गिरफ्तारी हुई हैं।

 

सरकार ने किया था एसआईटी का गठन

उल्लेखनीय है कि शुरू से ही इस मामले को लेकर पुलिस पर अंगुलियां उठ रही थी। ऐसे में सीबीआई द्वारा इन अफसरों की गिरफ्तारी में साफ कर दिया कि पुलिस जांच में कुछ गड़बड़ हुई है। बता दें कि गुड़िया मामले में सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। जिसकी कमान आईजी जैदी को सौंपी गई थी। इसके अलावा एसआईटी में भजन देव नेगी, डीएसपी रतन सिंह नेगी, ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी, एसआई धर्मसेन नेगी, एएसआई राजीव कुमार, कोटखाई थाने के पूर्व एसएचओ राजेंद्र सिंह और एसआई दीपचंद शामिल थे।

उच्च न्यायालय ने दिए थे जांच के आदेश

एसआईटी में मामले की जांच करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद डीजीपी पुलिस सोमेश गोयल व एसआईटी प्रमुख जहूर एच जैदी ने शिमला में पत्रकार वार्ता में इस मामले का पर्दाफाश किया था। लेकिन एसआईटी की जांच में कई ऐसे पहलू थे जो अनसुलझे थे। जिसके चलते लोगों में आक्रोश फूट गया। इसी दौरान कोटखाई थाना में मामले के एक आरोपी सूरज की लॉकअप में मौत हो गई। इसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए और थाने को आग के हवाले कर दिया। लोगों का आक्रोश व बिगड़ते हालातों को देखते हुए सरकार ने मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इस मामले में सरकार हाईकोर्ट भी पहुंची और इसकी जांच सीबीआई से करवाने की मांग उठाई। इस पर हाईकोर्ट ने सीबीआई को एसआईटी गठित कर मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। इसके बाद सीबीआई ने मामले की छानबीन शुरू की थी।

यह था मामला

4 जुलाई को कोटखाई के छात्रा स्कूल से लौटते वक्त लापता हो गई थी। इसके बाद छह जुलाई को कोटखाई के जंगल में बिना कपड़ों के उसकी लाश मिली थी। छात्रा की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। मामले में छह आरोपी पकड़े गए थे। इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ राजू, हलाइला गांव, सुभाष बिस्ट (42) गढ़वाल, सूरज सिंह (29) और लोकजन उर्फ छोटू (19) नेपाल और दीपक (38) पौड़ी गढ़वॉल के कोटद्वार से है। इनमें से सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई की रात को हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि राजू की सूरज से बहस हुई और उसके बाद राजू ने उसकी हत्या कर दी। सीबीआई ने इन दोनों मामलों में केस दर्ज किया

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