निजी शिक्षण संस्थानों में भी लगेगी बायोमीट्रिक से हाजिरी

प्रदेश के निजी शिक्षण संस्थानों में बायोमीट्रिक से हाजिरी लगाना जरूरी होगा। छात्रों और स्टाफ की लगातार मिल रही अनुपस्थिति और अनियमितता को देखते हुए राज्य शिक्षण नियामक आयोग ने यह फैसला लिया है। इसमें कहा गया है कि अब प्रदेश के जितने भी कालेज और यूनिवर्सिटी है, जो नियामक आयोग के दायरे में आते हैं, वहां पर तुरंत प्रभाव से ये आदेश लागू किए जाएं।

इस बारे में आयोग की ओर से सभी शिक्षण संस्थानों को पत्र के माध्यम से सूचित किया गया है। पिछले काफी समय से आयोग को शिकायतें मिल रही थीं कि प्रदेश की यूनिवर्सिटी और कालेज में हाजिरी की शर्तों को पूरा नहीं किया जा रहा है। कई बीएड और अन्य कालेज तो ऐसे हैं, जहां छात्र एक बार एडमिशन ले लेते हैं और उसके बाद पूरे सत्र में नहीं दिखते। छात्र इसके बाद सीधे परीक्षा देने ही पहुंचते हैं।

इसके साथ ही स्टाफ भी अपनी ड्यूटी रेगुलर तौर पर नहीं कर रहा है। ऐसी कई गड़बड़ की शिकायतें आयोग के पास पहुंची हैं। बाद में जांच करने पर पाया गया कि इसके लिए कोई हाजिरी रजिस्टर भी मेंटेन नहीं किया गया है। ऐसे में नियामक आयोग ने इस पूरे मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है।

इसमें हर संस्थान को हाजिरी का रिकॉर्ड मेंटेन करना होगा। साथ ही छात्रों को भी टीचिंग-डे पूरा करने होंगे। हर रोज संस्थान में बायोमीट्रिक से उनकी हाजिरी लगेगी और आयोग भी अपने स्तर पर समय-समय पर इसकी जांच करेगा। इससे पहले संस्थानों में बायोमीट्रिक की कोई व्यवस्था नहीं थी, लेकिन अब इसे तुरंत प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं।

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