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गुड न्यूज़ : आईजीएमसी मारपीट प्रकरण पर दोनों पक्षों में समझौता

आईजीएमसी में डॉक्टर और मरीज के बीच हुआ विवाद आखिरकार आपसी सहमति से सुलझ गया है। मंगलवार को सचिवालय में हुई बैठक के दौरान डॉक्टर राघव निरूला और मरीज अर्जुन सिंह ने एक-दूसरे से माफी मांगते हुए विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई। इस दौरान दोनों परिवारों के सदस्य, चौपाल क्षेत्र के प्रतिनिधिमंडल और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के बाद डॉक्टर राघव निरूला और मरीज अर्जुन सिंह ने गले लगकर एक-दूसरे से माफी मांगी, जिससे लंबे समय से चला आ रहा यह विवाद शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हो गया।

ये सब सचिवालय में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार नरेश चौहान के कमरे में और उनके हस्तक्षेप से हुआ। अब दोनों पक्षों के बीच पुलिस में दर्ज मामला भी खत्म हो जाएगा।

बता दें कि 22 दिसंबर को आईजीएमसी अस्पताल के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के वार्ड में एक मरीज और डॉक्टर के बीच मारपीट की घटना हुई थी।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया। सरकार ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की थी।

कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने डॉक्टर निरूला की सेवाएं समाप्त कर दीं। अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर एक दिन के सामूहिक कैजुअल लीव पर और दो दिन हड़ताल पर चले गए।

जिस कारण काफी हद तक अस्पताल में सेवाएं भी प्रभावित रहीं। लेकिन मंगलवार को दोनों पक्षों ने भविष्य में सहयोग का भरोसा दिया। डॉ. राघव निरूला ने कहा कि दोनों पक्ष शुरू से ही मामला सुलझाना चाहते थे, लेकिन तरीके अलग-अलग थे। हम चाहते हैं कि आगे ऐसा कुछ न हो और हमें सभी का सहयोग मिले।

डॉक्टर राघव निरूला बोले, घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी

डॉक्टर राघव निरूला ने कहा कि 22 दिसंबर को जो घटना हुई, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। इसके लिए हम दोनों एक-दूसरे से सॉरी फील कर चुके हैं। प्रदेशवासियों से भी माफी की उम्मीद रखते हैं। आगे से ऐसा किसी के साथ न हो, इसका हम पूरा ध्यान रखेंगे।

मरीज अर्जुन सिंह ने भी मांगी माफी

मरीज अर्जुन सिंह ने कहा कि जब डॉक्टर साहब ने सॉरी बोला तो हम कौन होते हैं माफ न करने वाले। हमने भी माफ कर दिया। सरकार, आम जनता और चौपाल के लोगों ने हमारा पूरा सहयोग किया। मेरी वजह से अगर किसी मरीज को या किसी को परेशानी हुई, उसके लिए मैं भी दिल से माफी मांगता हूं। वहीं अर्जुन ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में यह भी कहा कि डॉक्टर साहब की जल्द शादी है, अगर बुलाया तो शायद मैं भी शादी में दिख जाऊं।

डॉक्टर राघव की मां बोली, अर्जुन भी बेटे जैसा

डॉक्टर राघव निरूला की मां ने कहा कि मैं किसी को गलत नहीं कहना चाहूंगी। दोनों बच्चों ने सॉरी कहा है और हम दोनों के साथ हैं। अर्जुन भी मेरे बेटे जैसा ही है। सरकार ने दोनों पक्षों को साथ बैठाकर बहुत अच्छा काम किया है। इसके लिए हम सरकार के तहे दिल से आभारी हैं।

मामला उसी समय सुलझ जाता तो इतनी बड़ी बात न बनती : नरेश चौहान

मीडिया सलाहकार नरेश चौहान ने कहा कि 22 दिसंबर को आईजीएमसी में हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी। अगर मामला उसी समय सुलझ जाता तो शायद इतनी बड़ी बात न बनती।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से मुलाकात कर दोबारा जांच का आश्वासन दिया और बातचीत के जरिए हड़ताल भी खत्म हुई। हमने डॉक्टरों को समझाया कि बातचीत ही समाधान है, क्योंकि यह प्रदेश के मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा मामला था।

नरेश चौहान ने कहा कि डॉक्टर राघव और मरीज अर्जुन के बीच कोई स्थायी दुश्मनी नहीं थी, यह एक क्षणिक विवाद था। दोनों ने बड़ा दिल दिखाते हुए समझौता किया है। हम कोशिश करेंगे कि समझौते के आधार पर दर्ज एफआईआर भी समाप्त हो।

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