जोगिन्दरनगर अस्पताल में 96 पीलिया व 100 मरीज डायरिया के

जोगिन्दरनगर : पिछले कुछ दिनों में जोगिन्दरनगर में बड़े पीलिया और डायरिया के मामलों के बाद के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट पर आ गया है। विभाग ने एक महींने तक लगातार पेयजल सेंपलिंग के निर्देश जारी किए हैं। एक लाख से अधिक की आबादी वाले जोगिन्दरनगर उपमंडल में अब तक पीलिया व डायरिया के मात्र 200 के लगभग मामले सामने आए हैं।

पीलिया और डायरिया के बढ़ते मामलों के चलते गुरुवार को टीम ने किया अस्पताल का दौरा

जिसे स्वास्थ्य विभाग सामान्य स्थिति मान रहा है। सिविल अस्पताल जोगिन्दरनगर में अब तक पीलिया के 96 और डायरिया व ऐसे अन्य लक्षणों के 100 मरीज ओपीडी में दर्ज हुए हैं। जिसमें से अभी भी 34 रोगी अस्पताल में भर्ती हैं।

ओपीडी में ऐसे मरीजोंं की संख्या एक दम से अधिक होने के कारण विभाग जरूर अलर्ट पर है और अब जिला स्वास्थ्य अधिकारी मंडी द्वारा हर रोज इस मामले निगरानी भी की जा रही है।

उनकी अध्यक्षता में गुरुवार को एक टीम ने भी जोगिन्दरनगर अस्पताल का दौरा किया और मरीजों से बातचीत कर अन्य तैयारियों को भी परखा। इसके साथ ही टीम ने सभी विभागों के साथ संयुक्त बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।

वहीं स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में यह भी बात सामने आई है कि पीलिया व डायरिया के ज्यादातर मामले ग्रामीण क्षेत्रों से ही सामने आए हैं। जबकि जोगिन्दरनगर शहर से सबसे कम लोग इसकी चपेट में आए हैं।

हालांकि जोगिन्दरनगर बस स्टैंड पर लगाया गए वाटर कूलर का दूषित पानी इन मामलों को बढ़ाने में सबसे कारगर सिद्ध हुआ है। ज्यादातर रोगियों ने पड़ताल में इसी कूलर से पानी पीने की बात बताई है।

इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक मामले सामने आने से यह बात भी साबित हुई है कि जल शक्ति विभाग शुद्ध पेयजल लोगों को उपलब्ध नहीं करवा सका है। इसके साथ ही लोगों ने भी अपनी पेयजल टंकियां व प्राकतिक जल स्त्रोतों की साफ सफाई भी में काफी ढील बरती है।

इसके साथ जागरुकता का अभाव भी वायरल हेपीटाइसिस को फैलाने में मददगार सिद्ध हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने अब जल शक्ति विभाग को शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में एक महींने तक लगातार पानी के सेंपल लेने के लिए कहा है।

ताकि पीलिया व डायरिया की चपेट में आए मरीजों से संबंधित क्षेत्रों की निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि हर रोज जोगिन्दरनगर से इस मामले की रिपोर्ट भी ली जा रही है।

वहीं सीएमओ मंडी नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि आज एक विशेष टीम को जोगिन्दरनगर भेजा गया था। जिसकी फाइनल रिपोर्ट आनी है।

इतनी बड़ी आबादी में इतने मामले सामने आना कोई बड़ा गंभीर मसला नहीं है, लेकिन जोगिन्दरनगर अस्पताल की ओपीडी में एकदम मरीजों की बढ़ोतरी होने के कारण विभाग अलर्ट पर है।

अब तक सिर्फ 96 लोगों में पीलिया पाया गया है जबकि 100 के लगभग मरीज डायरिया व अन्य लक्षणों से ग्रसित हैं। 34 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि वायरल हेपेटाइसिस है, जो कि दूषित पानी और भोजन की वजह से फैलता है। कुछ दिनों में इस पर पूरी तरह से काबू पा लिया जाएगा।

विधायक प्रकाश राणा ने भी पुछा मरीजों का हाल चाल

वहीँ स्थानीय विधायक प्रकाश राणा ने जोगिन्दरनगर में फैले पीलिया रोग के लिए जल शक्ति विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। विधायक ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है लेकिन हालात को देख कर कहा जा सकता है कि जल शक्ति विभाग लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध करवाने में नाकामयाब रहा है।

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