हिमाचल में विकसित होंगे 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 70 आदर्श स्वास्थ्य संस्थान विकसित करने का निर्णय लिया है।
इनमें से 50 से अधिक संस्थानों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा चुकी है, जबकि शेष में भी जल्द नियुक्तियां की जाएंगी। सरकार का दावा है कि पिछले अढ़ाई वर्षों में स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की उपलब्धता 35-36 प्रतिशत से बढक़र 80-85 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
साथ ही सहारा योजना के पात्र लाभार्थियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित सहायता राशि जारी करने का भरोसा भी दिया गया है। मंगलवार को सचिवालय में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में सहित आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
दूरदराज और जनजातीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए पहले वहां आवश्यक उपकरण भेजे गए हैं।
अब तक 300 से अधिक चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि 200 से अधिक नए पदों के लिए जल्द हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग को मांग भेजी जाएगी। इसके अलावा स्टाफ नर्सों के 200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जारी है।
निजी अस्पतालों को हिमकेयर योजना से बाहर रखने के फैसले पर उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं, इसलिए फिलहाल सरकारी अस्पतालों के माध्यम से ही योजना का लाभ दिया जा रहा है।
एक हफ्ते में जारी होगी सहारा की लंबित राशि
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि हिमकेयर योजना के लगभग 425 करोड़ और आयुष्मान भारत योजना के करीब 235 करोड़ का भुगतान अभी लंबित है। उन्होंने इसका कारण केंद्र सरकार की वित्तीय सीमा और बजटीय प्रतिबंधों को बताया।
सहारा योजना को लेकर उन्होंने कहा कि विभागीय प्रक्रिया के कारण कुछ देरी हुई है, लेकिन पात्र लाभार्थियों को एक सप्ताह के भीतर लंबित सहायता राशि जारी करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 3,000 रुपए की सहायता के लिए किसी पात्र व्यक्ति को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।








