हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट हुआ ज़ारी

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 3 से 8 अगस्त तक व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान है। दोनों राज्यों में कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

तीन अगस्त को बिलासपुर, कांगड़ा, चंबा और सिरमौर, चार अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा, पांच अगस्त को ऊना, चंबा, कांगड़ा और मंडी तथा छह अगस्त को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड में पूरे सप्ताह गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून के सक्रिय बने रहने का अनुमान जताते हुए कहा है कि दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6 अगस्त तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने 3 और 4 अगस्त को कई स्थानों पर भारी बारिश की भी चेतावनी दी है।

यह जानकारी आईएमडी के रविवार सुबह जारी मौसम बुलेटिन में दी गई। आईएमडी के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6 अगस्त तक अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।

इसके बाद 7 और 8 अगस्त को वर्षा की तीव्रता घटने की संभावना है और केवल छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

दोनों क्षेत्रों में 3 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश हो सकती है। वहीं, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में पूरे सप्ताह छिटपुट वर्षा का अनुमान है।

मध्य भारत में भी तेज बारिश के आसार

आईएमडी के अनुसार, मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी वर्षा गतिविधियां तेज रहेंगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त, पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त तक कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

पूर्वी भारत में भी जारी रहेगा बारिश का दौर

पूर्वी भारत में गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, ओडिशा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में पूरे सप्ताह व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। बिहार में 5 अगस्त तक व्यापक वर्षा होगी, जबकि इसके बाद वर्षा की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

आईएमडी ने स्पष्ट किया है कि मौसम बुलेटिन में रेड अलर्ट नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य संबंधित एजेंसियों को आवश्यक एहतियाती और राहत संबंधी कार्रवाई के लिए सतर्क करना है।

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