हिमाचल में ब्वॉयज-गर्ल्स स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी

अब पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में लड़के-लड़कियां यानी छात्र-छात्राएं साथ-साथ में पढ़ाई कर सकेंगे। राज्य में व्बॉयज व गर्ल्स स्कूलों को मर्ज करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग की ओर से छात्रों की कम संख्या, को-एजुकेशन को बढ़ाने को लेकर उक्त कदम उठाया गया है।

शहीद प्रताप सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टिकरू की प्रार्थना सभा में उपस्थित स्कूली विद्यार्थी एवं स्टाफ

इससे वंचित स्ट्रीम-विषय को भी छात्र-छात्राएं साथ में पढ़ पाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग शिमला की ओर से राज्यभर में ब्वॉयज व गर्ल्स स्कूल को लेकर सर्वे करवाया गया है, जिसमें कई महत्त्वपूर्ण बातें निकलकर सामने आई हैं, जिसके आधार पर अब जल्द ही निदेशालय की ओर से सरकार को फाइनल रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिसे सरकार की ओर से अंतिम अप्रूवल प्रदान की जाएगी।

हिमाचल प्रदेश में कम संख्या वाले स्कूलों को मर्ज करने के बाद अब ब्वॉयज व गर्ल्स स्कूल को मर्ज करने की तैयारी की गई है।

इस संबंध में उच्च शिक्षा उप-निदेशक कांगड़ा विकास महाजन ने बताया कि निदेशालय की ओर से ब्वॉयज व गर्ल्स स्कूल के डिटेल सर्वे करवाया गया है, जिसे जमा करवाया गया है।

उन्होंने बताया कि स्कूलों को मर्ज किए जाने को लेकर निदेशालय की ओर से आगामी कार्य किया जाएगा।

स्टाफ की कमी होगी दूर

गल्र्ज व ब्वॉयज स्कूल में स्ट्रीम की उपलब्धता कम होना भी मर्जिंग के लिए बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। अधिकतर गल्र्ज स्कूलों में साइंस स्ट्रीम नहीं है, जिसके चलते उन्हें मात्र आट्र्स व कॉमर्स में अध्ययन करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

वह साइंस विषय को पढ़ने से वंचित रह जाती हैं, जबकि व्बॉयज स्कूल में आट्र्स, कॉमर्स व साइंस तीनों स्ट्रीम उपलब्ध हैं। ऐसे में दोनों स्कूलों को क्लब किए जाने से छात्र-छात्राओं को तीनों ही स्ट्रीम में अध्ययन करने का मौका उपलब्ध होगा।

इसके अलावा शिक्षा विभाग में चल रहे शिक्षकों व स्टाफ की कमी भी दूर हो पाएगी।

होम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *