हिमाचल प्रदेश वन विभाग को 44 नए फोरैस्ट गार्ड मिले हैं। शुक्रवार को वन विभाग के 12 वन वृत्तों बिलासपुर, चम्बा, धर्मशाला, हमीरपुर, कुल्लू, मंडी, नाहन, रामपुर, शिमला, सोलन, ग्रेट हिमालयन नैशनल पार्क शमशी एवं वन्यप्राणी शिमला के 44 प्रशिक्षणार्थियों ने अपना प्रशिक्षण पूर्ण किया।

शुक्रवार को वन प्रशिक्षण संस्थान चायल में वन रक्षकों के 75वें सत्र के दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन बल प्रमुख) वन विभाग समीर रस्तोगी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की तथा प्रशिक्षण पूरा करने वालों को प्रमाण पत्र, मैडल व ट्रॉफी प्रदान की।
यह प्रशिक्षण सत्र गत वर्ष 7 अक्तूबर, 2024 को शुरू हुआ था। 75वें बैच के शैक्षणिक टॉपर वन मंडल जोगिन्दरनगर की कुमारी मोनिका, द्वितीय स्थान पर मंडी वन मंडल की कुमारी भारती देवी व तृतीय स्थान पर वन्यप्राणी मंडल जीएचएनपी शमशी की कुमारी खिला देवी रहीं।
12 किलोमीटर की मैराथन में वीरेंद्र सिंह प्रथम
इसी तरह 12 किलोमीटर की मैराथन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर वन्यप्राणी मंडल जीएचएनपी शमशी के वीरेंद्र सिंह, द्वितीय स्थान पर वन मंडल पालमपुर के पंकज कपूर व तृतीय स्थान पर वन मंडल ऊना के सुरिंदर लाल रहे।
6 किलोमीटर हाफ मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर पांवटा साहिब वन मंडल की कुमारी मनीशा ठाकुर, द्वितीय स्थान पर वन मंडल डल्हौजी के नेतर सिंह व तृतीय स्थान पर वन मंडल नालागढ़ की कुमारी कुलबीर कौर रहीं।
75वें बैच के सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु का पुरस्कार जोकि शैक्षणिक, टूअर, वायवा व कन्डक्ट में 1500 में से अधिकतम 1328 (88.55 प्रतिशत) अंक प्राप्त करने पर जोगिन्दरनगर वन मंडल की कुमारी मोनिका को दिया गया।
दीक्षांत समारोह में प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक हितेन्द्र शर्मा, संयुक्त निदेशक वन प्रशिक्षण संस्थान चायल नीना देवी व अधिकारी तथा अन्य गण्यमान्य उपस्थित रहे।
कानून के दायरे में अपने कार्य का निर्वहन करें प्रशिक्षु : रस्तोगी
वन बल प्रमुख समीर रस्तोगी ने कहा कि प्रशिक्षुओं को अपने कार्य क्षेत्र में जाकर प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त किए समुचित ज्ञान को वन संपदा के संरक्षण में नियम व कानून के दायरे में रह कर निर्वहन करें।
उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा वन संरक्षण व विस्तार में चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं, नीतियों को धरातल स्तर पर कार्यान्वित करवाना तथा नवनियुक्त वन मित्रों से सामंजस्य स्थापित कर उनसे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त किए गए अपने अनुभवों को सांझा करते हुए एक बेहतर वन प्रबंधन करना सुनिश्चित करें।