पीजी के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाएंगे डॉक्टर
हिमाचल के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों को मिली 320 नई पीजी सीटों से राज्य में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर होने की उम्मीद दिख रही है। केंद्र सरकार इसके लिए 415 करोड़ का अनुदान भी देगी, यानी प्रति सीट एक करोड़ 30 लाख रुपए केंद्र सरकार से मिलेंगे।
राज्य सरकार को अब इन सीटों के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल से जरूरी मंजूरियां लेनी होंगी। हिमाचल सरकार ने कुछ महीने पहले यह प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा था।
अब इस महत्त्वपूर्ण घोषणा से हिमाचल प्रदेश के मेडिकल विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। भारत सरकार द्वारा इन नई पीजी मेडिकल सीटों के लिए लगभग 415 करोड़ का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
इस निर्णय से प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार होगा और आने वाले वर्षों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। वर्तमान में सीमित पीजी सीटों के कारण अनेक विद्यार्थियों को विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रदेश से बाहर अवसर तलाशने पड़ते हैं।
नई सीटों के शुरू होने से हिमाचल में ही उच्च चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इस स्वीकृति को चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
इस निर्णय से हिमाचल में न केवल मेडिकल विद्यार्थियों को लाभ होगा, बल्कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में विभिन्न विशेषज्ञताओं के प्रशिक्षित डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ की थी चर्चा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का उल्लेख करते हुए बताया था कि हिमाचल प्रदेश सरकार से 23 जून, को 320 नई पीजी मेडिकल सीटों का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था। इसके बाद छह अक्तूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ इस विषय पर चर्चा हुई।
केंद्र ने इस प्रस्ताव पर प्राथमिकता से कार्रवाई करते हुए सभी 320 सीटों को स्वीकृति प्रदान कर दी। जेपी नड्डा ने कहा था कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के प्रस्ताव पर तेजी से निर्णय लिया है और अब राज्य सरकार से भी अपेक्षा है कि वह आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध पूरा करे।
10000 मेडिकल सीटों पर 15000 करोड़ खर्च होंगे
केंद्र सरकार ने देश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए अनेक महत्त्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने 15,000 करोड़ की लागत से अगले पांच वर्षों में देशभर में 10,000 नई यूजी और पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाने की योजना को मंजूरी दी है। हिमाचल प्रदेश के लिए स्वीकृत 320 नई पीजी मेडिकल सीटें भी इसी व्यापक पहल का हिस्सा हैं।
प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सुधरेंगी स्वास्थ्य सेवाएं
नई पीजी सीटों से भविष्य में प्रदेश के पहाड़ी, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत कुल 320 नई पीजी सीटों में शिमला के लिए 91, टांडा और हमीरपुर के लिए 57-57, मंडी के लिए 55, नाहन के लिए 32 तथा चंबा के लिए 28 सीटें शामिल हैं।
इन सीटों से सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, कैंसर सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सा क्षेत्रों में शिक्षा और प्रशिक्षण की सुविधाओं का विस्तार होगा।
