हिमाचल प्रदेश में 3 दिन भारी बारिश व तूफान का अलर्ट ज़ारी

हिमाचल प्रदेश में शिमला सहित चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व लाहौल-स्पीति जिलों में कहीं-कहीं पर भारी बारिश, मेघ गरजन, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेगी और भारी बारिश व बर्फबारी होगी।

जबकि छह जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर व किन्नौर में यैलो अलर्ट रहेगा। इसके लिए मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

एक ओर जहां मैदानी इलाकों का तापमान बढ़ता ही जा रहा है, वहीं मध्य व उच्च पर्वतीय इलाकों में गिरता जा रहा है। बुधवार को ऊना में अधिकतम तापमान बढ़कर जहां 38 डिग्री पहुंच गया, वहीं शिमला व भरमौर में पारा लुढ़का है।

शिमला में 0.6 डिग्री की गिरावट के साथ 21.8 व भरमौर में 2.4 डिग्री की गिरावट के साथ 21.9 व कुफरी में 0.5 डिग्री की गिरावट के साथ 16.1 डिग्री रहा है।

राजधानी शिमला में हल्के बादल छाए रहे। मौसम विभाग की मानें तो गुरुवार को सभी क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह से साफ व शुष्क बना रहेगा, लेकिन शुक्रवार व शनिवार को मौसम करवट लेगा और राज्य के 6 जिलों में आंधी तूफान के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और भारी बारिश व हिमपात का ऑरैंज अलर्ट, जबकि 6 जिलों में यैलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसका असर रविवार को भी देखने को मिलेगा।

खराब मौसम का सबसे बड़ा असर खेती-किसानी पर पड़ने की आशंका है। इस समय प्रदेश के मैदानी इलाकों में गेहूं की फसल पक चुकी है और किसान कटाई की तैयारी में है।

ऐसे में बारिश और तेज हवाओं से खड़ी फसल को नुक्सान पहुंच सकता है। दूसरी ओर पहाड़ी इलाकों में सेब की बागवानी में फ्लावरिंग की प्रक्रिया चल रही है।

ओलावृष्टि के कारण फूलों को नुक्सान पहुंचने की आशंका है, जिससे आगामी सीजन की सेब की पैदावार प्रभावित हो सकती है। इसको लेकर किसान और बागवानों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। विशेषकर बिजली गिरने के दौरान खुले में जाने से परहेज करें। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करते समय मौसम की जानकारी लेकर ही निकलें।

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