शानन प्रोजेक्ट हिमाचल का, लेकर रहेंगे : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जोगिंद्रनगर में स्थित शानन पावर प्रोजेक्ट को किसी भी सूरत में लेकर रहेंगे। प्रोजेक्ट मिल जाने से प्रदेश को 500 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा, जिससे राज्य की जनता की सुविधाओं में इजाफा होगा।
पंजाब सरकार इस प्रोजेक्ट को देने में अड़चन पैदा कर रही है, लेकिन हिमाचल सरकार अपना हक लेकर ही रहेगी। इसके लिए बड़े वकीलों को हायर किया गया है।
गुरुवार को नादौन विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष वकीलों की फीस पर टिप्पणियां कर रहा है, लेकिन यदि 500 करोड़ की राजस्व प्राप्ति के लिए कुछ पैसा वकीलों को देना पड़ जाए, तो इसमें कुछ गलत नहीं है।
सैकड़ों करोड़ रुपए हिमाचल को मिलने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा जगत व अन्य सुविधाओं में वृद्धि की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौते को लेकर भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों की लड़ाई कांग्रेस सरकार ने मजबूती से लड़ी है, इसलिए इस समझौते का श्रेय भी प्रदेश की जनता और कांग्रेस सरकार को जाता है।
भाजपा नेताओं अनुराग सिंह ठाकुर और जयराम ठाकुर को उत्तराखंड से पूछना चाहिए कि उनकी पीड़ा क्या है। उन्होंने कहा कि मुझे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की चिंताओं को करीब से समझने का अवसर मिला और भगवान का शुक्र है, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है।
नहीं, तो हिमाचल के लोगों पर भी उत्तराखंड की तरह आर्थिक बोझ पड़ता। सीएम ने कहा कि किशाऊ परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश को बिना अतिरिक्त निवेश किए करीब 1,500 करोड़ रुपए का लाभ मिलेगा, जबकि उत्तराखंड को समान आय अर्जित करने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि वाइल्ड फ्लावर हॉल का मामला, जो पिछले 23 वर्षों से अदालत में चल रहा था, राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जीता है। इससे हिमाचल प्रदेश के खजाने में 401 करोड़ रुपए आए हैं और लगभग दो करोड़ रुपए प्रतिमाह की अतिरिक्त आय हो रही है।
जेएसडब्ल्यू कंपनी से छह प्रतिशत अतिरिक्त रॉयल्टी का मामला पूर्व भाजपा सरकार के समय से लंबित था। कांग्रेस सरकार बनने के बाद इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और वर्तमान राज्य सरकार ने केस जीता।
इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष करीब 150 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय हो रही है। उन्होंने कहा कि शराब के ठेकों की नीलामी कर राज्य सरकार ने राजस्व में वृद्धि की है।
पिछली भाजपा सरकार के समय शराब ठेकों का नवीनीकरण किया जाता था, जबकि वर्तमान सरकार ने नीलामी के माध्यम से करीब 450 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया, जो पहले लगभग 150 करोड़ रुपए था।
