कोरोना से निपटने के लिए हिमाचल सरकार ने बनाया 8 महीने का मास्टर प्लान

शिमला: हिमाचल में कोरोना संक्रमण के संभावित खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार ने अगले आठ माह का मास्टर प्लान तैयार किया है। एक स्टैंडर्ड सर्वे के आधार पर प्रदेश में इस वायरस के ज्यादा से ज्यादा प्रभाव पर आधारित रिपोर्ट तैयार की गई है।

इसमें कहा गया है कि लॉकडाउन खुलने के बाद अगर संक्रमण फैलता है, तो साल के अंत तक राज्य में इसका क्या प्रभाव होगा। इन परिस्थितियों में प्रदेश के 20 लाख लोगों के संक्रमित होने पर प्रभावी कदमों का खाका बनाया गया है।

यह है मास्टर प्लान

इस आंकड़े के आधार पर तैयार किए गए मास्टर प्लान में कहा है कि कोरोना के 85 फीसदी पॉजिटिव लोग असिम्टोमेटिक तथा माइल्ड हो सकते हैं।

इस आधार पर 20 लाख तक संक्रमितों का आंकड़ा पहुंचता है, तो 18 लाख 50 हजार लोगों में संक्रमित होने के बावजूद कोरोना के लक्षण नहीं दिखेंगे। इन कोरोना पीडि़तों को यह भी पता नहीं चलेगा कि ये कब पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए।

किए पुख्ता प्रबंध

इसके चलते डेढ़ लाख ऐसे मरीज हो सकते हैं, जिनमें कोरोना के लक्षण दिखने के बाद शारीरिक बीमारी की दिक्कत भी हो सकती है।

लिहाजा इन डेढ़ लाख लोगों के लिए सरकार ने उपचार के पुख्ता प्रबंध करने के लिए रणनीति बनाई है। पुख्ता सूचना के अनुसार राज्य सरकार ने स्टैंडर्ड सर्वे के आधार पर इस संभावित आंकड़े के अनुसार अपनी प्लानिंग की है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी बुधवार को उच्चाधिकारियों से बैठक कर निकट भविष्य में कोरोना से जंग जीतने के लिए विस्तार से चर्चा की है। इस आधार पर स्वास्थ्य विभाग की दिन भर बैठकों का दौर चलता रहा।

तीन केटेगरी के सेंटर होंगे स्थापित

अगले आठ माह तक कोविड की जंग लड़ने के लिए सरकार ने तीन कैटेगरी के सेंटर स्थापित करने का फैसला लिया है। पहली कैटेगरी के अस्पतालों में उन मरीजों को रखा जाएगा, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं होंगे।

दूसरी कैटेगरी में कोविड-19 के लक्षणों वाले मरीजों को रखा जाएगा। तीसरी कैटेगरी में गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था होगी।

1 हजार वेंटिलेटर,1500 आईसीयू

इस महामारी से निपटने के लिए एक हजार वेंटीलेटर तैयार रखने को कहा गया है। राज्य सरकार के पास वर्तमान में करीब एक सौ वेंटीलेटर उपलब्ध हैं। इसके अलावा डेढ़ हजार आईसीयू तथा हजारों की संख्या में बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत है।

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