मौसम की बेरुखी से किसान और बागवान हुए परेशान

जोगिन्दरनगर  : मौसम की बेरूखी के चलते हिमाचल के किसान व बागवान परेशान हो उठे हैं। बागवानों ने प्रूनिंग, कांट छांट, खाद गोबर संबंधित सभी काम निपटा लिए हैं लेकिन बारिश व बर्फबारी न होने से सभी की चिंताएं बढ़ गई हैं। बर्फबारी न होने से एक ओर जहां बागवान परेशान हैं वहीं दूसरी ओर मनाली का पर्यटन व्यवसाय भी ठप्प होने लगा है।

देवताओं से की फरियाद

बर्फबारी व बारिश की फरियाद लेकर मनाली घाटी के लोग आज तक्षक नाग व फाईया नाग की शरण में पहुंचे। बागवानों ने बताया कि जिस तरह से मौसम खुश्क चल रहा है, इससे नकदी फसल सेब, प्लम, नाशपाती पर विपरीत असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बर्फ न पड़ने से स्केल व बिलू एफेड की बीमारी का डर भी सता रहा है।

बागवानी पर होगा असर

दूसरी ओर बागवानी विभाग के उप निदेशक राज कुमार शर्मा ने कहा कि मौसम की बेरूखी बागवानी पर भारी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि उम्दा फसल की पैदावार के लिए 1200 से 1400 घंटे चिलिंग ऑवर के पूरे होना जरूरी है। बर्फबारी व बारिश न होने तक लोग जहां सिंचाई की सुविधा नहीं है वहां पेड़ के तौलिए न करें।

बालीवुड भी बारिश के इन्तजार में

दूसरी तरफ मनाली के पर्यटन व्यवसायियों सहित फिल्म यूनिटों को भी बर्फबारी का इंतजार है। मनाली में बर्फबारी न होने से होटल व्यवसायियों सहित फिल्मी जगत से जुड़े लोगों की भी चिंताएं बढ़ गई हैं। फिल्म यूनिटें दिसंबर महीने से मनाली आने का कार्यक्रम बना रही हैं लेकिन बर्फबारी न होने से वे मनाली का रुख नहीं कर पा रहे हैं।

गौ माता पर बंद हो अत्याचार

उधर, बारिश बर्फबारी को लेकर जगतसुख में देवताओं के दरबार में सैकड़ों लोगों ने दस्तक दी और देवताओं से बारिश का आग्रह किया। इस दौरान संध्या गायत्री के प्रतिनिधि मोहन लाल और फाइया नाग के प्रतिनिधि हीरा सिंह ने कहा कि गौ माता की अनदेखी बर्दाश्त नहीं। लोग गौ माता पर अत्याचार बंद करें। देवताओं के प्रतिनिधियों ने पाप खत्म कर धर्म के काम को अधिक करने पर बल दिया। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर बारिश हो जाएगी।
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