प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 15 करोड़ रुपए का बजट जारी
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हिमाचल में सड़कों की टायरिंग के कार्य में खड़ा संकट फिलहाल टल गया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस कार्य के लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम करने के लिए बड़ी राहत देते हुए चालू वित वर्ष के लिए 15 करोड़ की अग्रिम राशि का प्रबंध कर दिया है, जिससे अब प्रदेश में ग्रामीण सड़कों को चकाचक करने का काम कर रहे ठेकेदारों की राह भी अब आसान होगी।
ठेकेदारों की दलील थी कि जिस समय कार्य आबंटित हुआ था, उस समय बिटुमिन की कीमत कम थी। अब दामों में भारी उछाल से इस कार्य को करने में असमर्थ है। अहम है कि कीमत में इजाफा होने के बाद प्रति किलोमीटर सड़क निर्माण की लागत में करीब 25 से 30 प्रतिशत तक इजाफा हुआ है।
ऐसे में पुरानी दरों और स्वीकृत बजट के आधार पर काम पूरा करना ठेकेदारों के लिए चुनौती बन गया था। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की तरफ से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान से इस बढ़ी लागत की भरपाई में मदद की उम्मीद है।
पीएमजीएसवाई के विभिन्न चरणों के तहत कुल 1027 किलोमीटर सडक़ों पर बिटुमिनस सरफेसिंग का काम पूरा किया जाना है।
इसमें पीएमजीएसवाई-एक के तहत 36 किलोमीटर, दो और तीन के तहत 781 किलोमीटर, पीएमजीएसवाई इन्सेंटिव फंड के तहत 210 किलोमीटर सड़कशामिल है। पीएमजीएसवाई-एक की अवधि 31 मार्च, 2027 को समाप्त होगी।
