Month: September 2014

आध्यात्मिकताजीवन-पद्धतिधर्म-संस्कृति

क्या ईश्वर की विराट पुरुष के रूप में कल्पना करना सही है?

समस्त जगत् अथवा सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड ही ईश्वर का शरीर या उसका विराट रूप है. ईश्वर के व्यक्तित्व की कल्पना मानवीय

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