जोगिन्दरनगर में माकपा का धरना प्रदर्शन
जोगिन्दरनगर : भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जोगिन्दरनगर लोकल कमेटी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गांधी पार्क में धरना-प्रदर्शन किया।
पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रोकने और निर्वाचन आयोग में सुधार किए जाने की मांग भी उठाई। प्रदर्शन में माकपा के मंडी जिला सचिव कुशाल भारद्वाज, लोकल कमेटी सचिव रविंद्र कुमार, सुदर्शन वालिया, नरेश धरवाल, केहर सिंह वर्मा, जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर और जय सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस दौरान कुशाल भारद्वाज ने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग के भीतर एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों को लेकर सामने आई जानकारी गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले महीनों में कई फैसलों को लेकर आपत्तियां दर्ज की हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार विभिन्न निर्णयों पर आपत्तियां दर्ज की थीं।
भारद्वाज ने कहा कि माकपा के अनुसार यह मामला केवल एसआईआर तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्वाचन आयोग की संस्थागत कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और निर्णय लेने की प्रक्रिया से जुड़ा है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाबदेह ठहराने, पद से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों पर कहा है कि अलग-अलग विचार और टिप्पणियां संस्थागत विचार-विमर्श का सामान्य हिस्सा हैं तथा पिछले एक वर्ष में आयोग के सभी निर्णय पूर्ण आयोग की सर्वसम्मत सहमति से लिए गए हैं।
रविंद्र कुमार ने एसआईआर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में भी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
