नेपाल के त्रिशूली में 350 लोगों का रेस्क्यू, कई भारतीय शामिल, अब तक 475 मौतें
नेपाल के भोटेकोशी में बुधवार को अचानक आई भयानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढक़र 475 हो गई है, जबकि सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। बचाव टीमें नदी और निचले इलाकों में जीवित लोगों और शवों की तलाश कर रही हैं।
इसी बीच बड़ी खबर आ रही है। रसुवा में नेपाली सेना ने अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और स्थानीय लोगों को बाहर निकाला है, इनमें से कई भारतीय नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं।
तेज बहाव और खराब मौसम के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया सेना के मुताबिक टनल के अंदर अभी भी 100 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं, उन्हें भी सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है।
काठमांडू पोस्ट के अनुसार बाढ़ 26 अगस्त को सुबह उत्तरी नेपाल के रसुवा और आस-पास के जि़लों में आई, जिससे भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पानी और मलबे का तेज़ बहाव आ गया।
इस आपदा में घर, पुल, सडक़ें और दूसरे बुनियादी ढांचे बह गए, जबकि कुछ इलाकों में रहने वाले लोग और यात्री देश के बाकी हिस्सों से कट गये। अधिकारी अलग-अलग ज़िलों से मरने वालों और लापता लोगों की रिपोर्ट का मिलान कर रहे हैं। उ
न्होंने बताया कि जिन लोगों का पता नहीं चला है, उनमें बड़ी संख्या में पर्यटक और ट्रेकर्स शामिल हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड ने गुरुवार रात कहा कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में 127 नेपालियों समेत 667 पर्यटक और यात्री अभी भी लापता हैं।
बोर्ड ने कहा कि वह उन पर्यटकों और यात्रियों का पता लगा रहा है जो बुधवार सुबह बाढ़ आने पर रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में थे, या वहां से गुजऱ रहे थे।
लापता लोगों में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। बोर्ड ने कहा कि प्रभावित इलाकों से 31 विदेशी नागरिकों को बचाया गया है, जिनमें एक भारतीय, चार दक्षिण कोरियाई, दो अमेरिकी, दो रूसी, दो इतालवी, एक बल्गेरियाई और एक स्विस नागरिक शामिल हैं। बचाए गए बाकी 18 लोगों की राष्ट्रीयता की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
पर्यटन, संस्कृति मंत्रालय , पर्यटन और नागरिक उड्डयन, पर्यटक पुलिस और पर्यटन क्षेत्र की दूसरी एजेंसियां लापता यात्रियों के बारे में जानकारी इक_ा कर रही हैं और उसे सत्यापित कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि वे तलाश और बचाव की कोशिश में ट्रैवल एजेंसियों, ट्रेकिंग कंपनियों, गाइड, स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी समन्वय कर रहे हैं।
