जोगिन्दरनगर में खुले आयुर्वेदिक संस्थान : बिंदुबाला

जोगिन्दरनगर : जिला परिषद सदस्य नेर घरवासड़ा  बिंदुबाला ने राज्य सरकार से प्रस्तावित आयुर्वेदिक संस्थान (एम्स स्तर) को नादौन के बजाय जोगिंदर नगर में स्थापित करने की मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में एक विस्तृत प्रेस नोट जारी कर सरकार से क्षेत्रीय जरूरतों और संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आग्रह किया।

बिंदुबाला ने कहा कि सरकार की ओर से इस संस्थान को नादौन में स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि नादौन में पहले से ही मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो चुका है। ऐसे में एक और बड़े चिकित्सा संस्थान की स्थापना से संसाधनों के दोहराव और क्षेत्रीय असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि जोगिंदर नगर आयुर्वेदिक संस्थान के लिए उपयुक्त स्थान है। क्षेत्र का आयुर्वेद के साथ ऐतिहासिक और व्यावहारिक जुड़ाव रहा है तथा यहां आयुर्वेदिक शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि जोगिंदर नगर में संस्थान स्थापित होने से क्षेत्र के युवाओं को उच्च स्तरीय शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही मंडी, कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

जिला परिषद सदस्य ने राज्य सरकार, स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि संस्थान के स्थान का निर्णय लेते समय स्थानीय जनभावनाओं, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और संतुलित विकास के पहलुओं को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि जोगिंदर नगर में इस संस्थान की स्थापना से हिमाचल प्रदेश में आयुर्वेद के विकास को नई दिशा मिल सकती है और प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर आयुर्वेद के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

बिंदुबाला ने कहा कि वह इस मांग को लगातार सरकार के समक्ष उठाती रहेंगी और क्षेत्र के लोगों के हित में सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा रखती हैं।

होम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *