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कांगड़ा सहित 3 जिलों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी ज़ारी

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून जमकर बरस रहा है और कहर भी खूब बरपा रहा है। मंगलवार को भी प्रदेश के कुछ स्थानों पर जमकर हुई बारिश ने खूब तांडव मचाया। खासकर कुल्लू जिला में बारिश ने बड़ा नुकसान किया है।

कुल्लू मनाली में मंगलवार को बाढ़ से हुई तबाही की तस्वीरें

अभी भी मौसम विभाग ने राज्य में 30 अगस्त तक जोरदार बारिश होने का अलर्ट दिया है। मंगलवार के दिन तीन जिलों कांगड़ा, चंबा और मंडी में रेड अलर्ट था और यहां कुछ क्षेत्रों में रात को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।

इन तीनों जिलों पर खतरा मंडरा रहा है, जिससे यहां के लोग भी डरे हुए हैं। मंगलवार सुबह जिस तरह की तस्वीरें कुल्लू और मनाली से आई वह सचमुच डराने वाली थीं, जहां पर कुदरत ने बड़ा कहर बरपाया है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखें तो कई जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट आया है, जिसमें अत्यधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है, वहीं कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट दिया है।

बुधवार को अगस्त को मंडी और शिमला जिला के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट आया है। शेष दूसरे जिलों में भी हल्की और मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

28 अगस्त को ऊना और कांगड़ा जिला में भारी बारिश का येलो अलर्ट है, जबकि 29 अगस्त को प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा में भारी बारिश होगी जबकि मंडी, शिमला, सोलन व सिरमौर जिलों में कई स्थानों पर अत्यधिक बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

30 अगस्त को भी ऑरेंज अलर्ट के साथ अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी गई है। यह चेतावनी कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला जिलों के लिए है, जबकि शेष जिलों ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और चंबा में भारी बारिश होने का यलो अलर्ट दिया गया है।

प्रदेश में पहली सितंबर तक मौसम यूं ही खराब रहेगा और अगले महीने की शुरूआत भी झमाझम बारिश से ही होगी।

यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटों की बात करें तो श्रीनयनादेवी में सबसे अधिक 160.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसके अलावा भटियात में 125, मनाली में 102, धर्मशाला में 102,भुंतर में 77, चंबा में 74, गुलेर में 71.8, करसोग में 65.2,सुजानपुर टिहरा में 60,रोहडू में 60,

जोगिन्द्रनगर में 59, नादौन में 58.2, देहरा गोपीपुर में 57, बंजार में 57, सुन्दरनगर में 51.3 मिलीमीटर बारिश सुबह तक रिकॉर्ड की गई है। इनमें से कुछ स्थानों पर दोपहर में भी बारिश हुई।

इसमें नैणादेवी, चुवाड़ी, मनाली, धर्मशाला, घमरूर, कांगड़ा, नगरोटा सूरियां, पालमपुर, कोठी, भरवाईं, भुंतर, सुजानपुर, नादौन, बंजार, सुन्नी भज्जी, कंडाघाट, हंसा, रामपुर, सांगला व शिमला में भी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

सबसे अधिक तापमान पांवटा साहिब में 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

77 बार फ्लैश फ्लड

इस मानसून में अब तक 77 बार फ्लैश फ्लड, 81 बार भूस्खलन और 41 बार बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं। लाहुल-स्पीति में सबसे ज्यादा 42 बार फ्लैश फ्लड आया।

कुल्लू में 15, शिमला में 14, लाहौल.स्पीति व मंडी में 12-12 और चंबा में 11 बार भूस्खलन हुआ। बादल फटने की 18 घटनाएं मंडी में, 10 कुल्लू में, 5 चंबा में, शिमला व लाहुल-स्पीति में 3-3 और किन्नौर में एक बार दर्ज हुई हैं।

बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। इस बीच लगातार हो रही बारिश से कांगड़ा जिले में पौंग बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।

बीती रात बांध का स्तर 1385.21 फुट तक पहुंच गया था, जिसके चलते बीबीएमबी और प्रशासन अलर्ट पर है।

आउट फ्लो को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 59,539 क्यूसिक कर दिया गया है, जिसे आगे बढ़ाकर 75,000 क्यूसिक किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों को खड्डों और नालों से दूर रहने की अपील की है।

शिंकुला में आधा फुट हिमपात

लाहुल-स्पीति के शिंकुला में सोमवार को रात के समय भी बारिश का क्रम जारी रहा। यहां पर आधा फुट तक हिमपात भी दर्ज किया गया है, जिससे समूचे लाहुल-स्पीति में लोगों को अभी से ही ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

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