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किसी अजूबे से कम नहीं है मंडी संसदीय क्षेत्र

जोगिन्दरनगर : मंडी संसदीय क्षेत्र किसी अजूबे से कम नहीं है.प्रदेश में लोकसभा की चार सीटें हैं और कुल क्षेत्रफल 55673 वर्ग किलोमीटर है.प्रदेश में कुल 12 जिले हैं और यह क्षेत्र छह जिलों में फैला हुआ है.प्रदेश के 80 प्रतिशत प्रोजेक्ट इसी क्षेत्र में बने हुए हैं.देश में सबसे अधिक कुदरती झीलें भी इसी लोकसभा क्षेत्र के अधीन आती हैं. देश के प्रथम मतदाता श्याम सरन नेगी 102 साल के भी इसी क्षेत्र के किन्नौर से हैं.

34 हजार वर्ग किमी में फैला है मंडी संसदीय क्षेत्र

अकेला मंडी संसदीय क्षेत्र करीब 34000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है.प्रदेश का 64 प्रतिशत भू -भाग इसी क्षेत्र का हिस्सा है.

देश का दूसरा सबसे बड़ा संसदीय क्षेत्र

क्षेत्रफल के हिसाब से यह देश का दूसरा बड़ा संसदीय क्षेत्र है. स्पीती का शीत मरूस्थल भी इसी के तहत आता है.यहाँ साल में छह माह तक बर्फ नमी रहती है.

छह जिलों में फैला है यह क्षेत्र

प्रदेश में कुल 12 जिले हैं और यह क्षेत्र छह जिलों में फैला हुआ है.इस क्षेत्र की सीमा चीन के कब्जे वाले तिब्बत और जम्मू और कश्मीर के लेह लद्दाख क्षेत्र से लगती है.प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्र इसी लोकसभा में आते हैं.

80 प्रतिशत बिजली प्रोजेक्ट हैं इसी क्षेत्र में

प्रदेश के 80 प्रतिशत प्रोजेक्ट इसी क्षेत्र में बने हुए हैं.एशिया की सबसे बड़ी पार्वती परियोजना,नाथपा झाकड़ी,ब्यास सतलुज लिंक प्रोजेक्ट इसी क्षेत्र में आते हैं.देश की पांच बड़ी नदियाँ ब्यास,सतलुज,चंद्रभागा चिनाब,स्पीती,उहल नदी इसी क्षेत्र में बहती हैं.

बड़े राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा है यह क्षेत्र

सबसे अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग अम्बाला -कौरिक,चंडीगढ़-कीरतपुर-मनाली,पठानकोट मंडी,जालंधर-मंडी इसी क्षेत्र में आकर खत्म होते हैं. श्रीखंड महादेव, किन्नर कैलाश,मणिमहेश तीर्थ भी इसी क्षेत्र का भाग हैं.

देश की एकमात्र नमक खान भी है इसी क्षेत्र में

देश में एक मात्र चट्टानी नमक की खान,जो गुम्मा और दरंग नमक खान के नाम से जानी जाती है इसी क्षेत्र के अधीन आती है.

देश की सबसे अधिक प्राकृतिक झीलें हैं यहाँ

देश में सबसे अधिक कुदरती झीलें भी इसी लोकसभा क्षेत्र के अधीन आती हैं. इनमें मणिमहेश,पराशर,कमरुनाग,रिवालसर,कुंतभियो,सरयोलसर,दशौहर,भृगु,चंद्रताल,मानतलाई,सूरजताल,दीपकताल,  डैहनासर,ब्यास कुंड,नीलकंठ,नाको,ढकर.झीलें शामिल हैं.

गर्म पानी के चश्में भी हैं इसी क्षेत्र में

खून जमा देने वाली ठन्डे पानी की बहती नदियों के किनारे उबलते गर्म पानी के चश्में सतलुज नदी किनारे तत्तापानी और पार्वती नदी किनारे मणिकर्ण नामक प्रसिद्ध स्थान भी इसी संसदीय क्षेत्र के अधीन आते हैं.

देश के पहले मतदाता भी हैं इसी क्षेत्र से

देश के प्रथम मतदाता श्याम सरन नेगी 102 साल के भी इसी क्षेत्र के किन्नौर से हैं. इस लोकसभा क्षेत्र में अधिकांश बार राजाओं का शासन रहा है.यहाँ से राजघरानों से जुड़े महारानी अमृत कौर,जोगिन्दर सेन,ललित सेन, वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, महेश्वर सिंह सांसद रह चुके हैं.

एशिया का सबसे ऊंचा गाँव भी इसी क्षेत्र में

बिजली,पानी और सड़क से जुदा एशिया का सबसे ऊंचा गाँव कौमिक भी इसी क्षेत्र के स्पीति उपमंडल में स्थित है. एशिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र टशीगंग भी इसी क्षेत्र के स्पीति घाटी में है. इसमें सबसे कम मतदाता होने का भी रिकार्ड दर्ज़ है.

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