8 बजे से शुरू हो रहा है 13वीं विधानसभा के लिए मतदान

13वीं विधानसभा चुनने को इंतजार की घडिय़ा समाप्त हो गई हैं। इन चुनावों में 50,24,941 मतदाता वीरवार को अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं । इनमें 24,57,166 महिलाएं, 25,68,761 पुरुष मतदाता तथा 14 मतदाता थर्ड जैंडर के हैं। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा.

337 उमीदवारों को किस्मत होगी कैद

मतदान पूरा होते ही 337 उम्मीदवारों की किस्मत ई.वी.एम. में कैद हो जाएगी। शांतिपूर्वक चुनाव करवाने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बीते मंगलवार शाम से शराब के ठेके, शराब परोसने वाले होटल, बीयर बार व क्लब बंद कर दिए गए हैं।  इन चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल की साख दांव पर लगी है। जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा, इसका फैसला 18 दिसम्बर को होगा। कोई भी पहचान पत्र दिखा कर सकते हैं मतदान

कोई भी पहचान पत्र दिखा कर सकते हैं मतदान

फोटोयुक्त वोटर कार्ड न होने की सूरत में मतदाता 12 तरह के पहचान पत्र दिखाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसैंस, पैन कार्ड, फोटो वाला पहचान पत्र, स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, बैंकों-डाकघरों की फोटोयुक्त पासबुक, फोटो युक्त पैंशन दस्तावेज आधार कार्ड और प्रमाणिक फोटो मतदाता पर्ची द्वारा मतदान किया जा सकता है। मतदान प्रक्रिया संपूर्ण होने के बाद ई.वी.एम. और वी.वी. पैट मशीनों को रखने के लिए स्ट्रांग रूम तैयार किए गए हैं, जहां पर केंद्रीय सुरक्षा बलों के अलावा सी.सी.टी.वी. कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। 19 महिला उम्मीदवार भी हैं मैदान में

19 महिला उम्मीदवार भी हैं मैदान में

13वीं विधानसभा के चुनावी समर में कुल 337 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 318 पुरुष व 19 महिलाएं शामिल हैं। विभिन्न विधानसभा हलकों में 112 आजाद उम्मीदवार भी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। बसपा के 42, भाजपा के 68, सी.पी.आई. के 3, सी.पी.आई. (एम) के 14, कांग्रेस के 68, एन.सी.पी. के 2, एस.पी. के 2, स्वाभिमान पार्टी के 6, लोक गठबंधन पार्टी के 6, राष्ट्रीय आजाद मंच के 4, नवभारत एकता दल का 1, भारतीय हिमाचल जन विकास पार्टी का 1, अखिल भारतीय मानवाधिकारी राजनीतिक दल का 1, बहुजन मुक्ति पार्टी का 1, अखिल भारतीय फॉरवर्ड ब्लॉक के 2, समाज अधिकार कल्याण पार्टी के 2, जनरल समाज पार्टी का 1 तथा राष्ट्रवादी प्रताप सेना का 1 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा है। सुलह विधानसभा क्षेत्र में हैं सबसे ज्यादा वोटर

सुलह विधानसभा क्षेत्र में हैं सबसे ज्यादा वोटर

सबसे ज्यादा 95,064 वोटर सुलह विधानसभा क्षेत्र और सबसे कम 22,995 वोटर लाहौल-स्पीति में हैं। चुनाव में पारदर्शिता के लिए सभी पोलिंग बूथ पर ई.वी.एम. के साथ पहली बार वी.वी. पैट मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें मतदाता 7 सैकेंड तक यह देख पाएगा कि जिस प्रत्याशी का बटन उसने दबाया है, क्या वोट उसी को गया है या किसी अन्य को। इसके बाद यह स्लिप वी.वी. पैट के बॉक्स में गिर जाएगी।

मतदाता की पहचान नहीं होगी जगजाहिर

इसे कोई अन्य व्यक्ति नहीं देख पाएगा। इससे मतदाता की पहचान जगजाहिर नहीं होगी। यह स्लिप मतगणना के वक्त रिकार्ड के तौर पर पेश की जाएगी। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में मतदाताओं को यह कह कर डराए जाने की सूचना है कि इस बार स्लिप से यह पता चलेगा कि मतदाता ने किसको वोट दिया है। यह सरासर गलत खबर है।

7,525 हैं पोलिंग बूथ

प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मतदाताओं की सहूलियत के लिए 7,525 पोलिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। इनमें 360 पोलिंग बूथ अतिसंवेदनशील और 980 संवेदनशील हैं । अति संवेदनशील और संवेदनशील मतदान केंद्र पर सुरक्षा के ज्यादा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सूबे में लाहौल-स्पीति का हिक्किम मतदान केंद्र सर्वाधिक 14,567 फुट की ऊंचाई पर स्थित है जबकि हरोली विधानसभा क्षेत्र का घलावल मतदान केंद्र सबसे कम 328 फुट की ऊंचाई पर स्थापित किया गया है। सभी मतदान केंद्रों के लिए पोलिंग पाॢटयां भी रवाना कर दी गई हैं। जिला मुख्यालय, तहसील मुख्यालय के साथ लगते 136 पोलिंग पार्टियां बुधवार को ही रवाना कर दी गई हैं जबकि 7389 मतदान केंद्रों के लिए बीते 2 दिनों के दौरान भेजी जा चुकी हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान मिलीं 274 शिकायतें

26 अक्तूबर को नामांकन वापसी के बाद से अब तक प्रचार की बात करें तो छुटपुट घटनाओं को छोड़कर पूरे प्रदेश में चुनाव प्रचार शांतिपूर्ण संपन्न हुआ है। हालांकि इस दौरान चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की निर्वाचन विभाग को 274 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 235 शिकायतों का निपटारा कर लिया गया है जबकि शेष की जांच चल रही है।

निडर होकर मतदान करें लोग

मुख्य चुनाव अधिकारी पुष्पेंद्र राजपूत ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया है कि वे निडर होकर मतदान करें। वी.वी. पैट में स्लिप के कारण किसी भी मतदाता की पहचान जगजाहिर नहीं होगी। सभी पोलिंग बूथ पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक पोलिंग बूथ पर चलने-फिरने में अक्षम लोगों की मदद के लिए 2-2 वालंटियर भी तैनात किए गए हैं। मतदान के बाद ई.वी.एम. और वी.वी. पैट रखने के लिए स्ट्रांग रूम बनाए गए हैं। इनमें केंद्रीय सुरक्षा बलों के अलावा सी.सी.टी.वी. कैमरे स्थापित किए गए हैं।
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