एक ही जगह डेरा जमाए शिक्षक अब होंगे इधर -उधर

शिमला : लंबे समय से एक ही स्कूल में डेरा जमाए शिक्षकों को अब शिक्षा विभाग ने दूसरे स्कूलों में भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश सरकार ने शिक्षा विभाग को निर्देश जारी कर ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी है जो पिछले कई वर्षों से एक ही स्टेशन पर सेवाएं दे रहे हैं।

शिक्षकों की हो रही सूची तैयार

इसी कड़ी में प्रारंभिक व उच्च शिक्षा निदेशालय ने भी इन शिक्षकों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। विभाग ने जिला कार्यालयों से भी इस संबंध में सूचनाएं मांगी हैं। इसके बाद विभाग इस पर पूरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजेगा जिसके उपरांत शिक्षा विभाग में शिक्षक इधर से उधर किए जाएंगे।

सैंकड़ों शिक्षक डटे हैं एक ही स्थान पर

सूत्रों की मानें तो सैंकड़ों ऐसे शिक्षक हैं जो पिछले 5-6 वर्षों से राजधानी सहित जिला व ब्लाक मुख्यालयों के स्कूलों में ही सेवाएं दे रहे हैं या स्टे तोडऩे को लेकर नजदीक के स्कूलों में ही अपनी  पोस्टिंग करवा ली है। इस दौरान सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग से कालेज प्राध्यापकों की भी लिस्ट मांगी है जो इसी तरह कई वर्षों से एक ही स्टेशन पर बैठे हैं।

कई शिक्षकों ने नहीं दी दुर्गम क्षेत्र क्षेत्रों में सेवाएं

दुर्गम क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों को नहीं मिलता सामान्य क्षेत्रों में सेवाएं देने का मौका जो शिक्षक अपनी पहुंच से एक ही स्टेशन में कई वर्षों तक डटे रहते हैं, उनकी वजह से दूसरे शिक्षकों को दुर्गम क्षेत्रों में कई वर्षों तक सेवाएं देनी पड़ती हैं। ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 3 साल का दुर्गम क्षेत्रों में सेवाकाल का प्रावधान होने के बावजूद सैंकड़ों शिक्षकों ने अपने कार्यकाल में दूरदराज के क्षेत्रों में सेवाएं नहीं दीं। शिक्षक जिला मुख्यालयों, ब्लाक मुख्यालयों व नजदीकी स्कूलों में ही डटे रहते हैं।

कई शिक्षक करवा लेते हैं एडजस्टमेंट

हालांकि पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2016 में प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों का युक्तिकरण किया था लेकिन इस दौरान भी ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफर किए गए शिक्षकों ने अपनी एडजस्टमैंट शहरों के आसपास के स्कूलों में करवा ली थी। इस दौरान विभाग ने पूरे प्रदेश के शिक्षकों का युक्तिकरण किया था। अब भाजपा सरकार ने भी इस संबंध में प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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