गैर-शिक्षक पीटीए को बहाल किया जाए

जोगिन्द्रनगर: प्रदेश में गैर-शिक्षक पीटीए के लिए कोई नीति नहीं बनाई गई है। इसके चलते प्रदेश के कालेजों में तैनात करीब 80 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है। हाल ही में सरकाघाट कालेज में करीब 7 कर्मचारियों को इसके चलते हटाया गया है। सोमवार को गैर-पीटीए शिक्षक संघ ने उक्त पक्ष मुख्यमंत्री के समक्ष रखा।

संघ ने कहा कि कालेज प्रशासन की ओर से ऐसी अधिसूचना के आधार पर गैर-पीटीए को निकाला गया जोकि अध्यापकों से संबंधित हैं। ऐसे में बीते 15 सालों से कालेज में सेवाएं दे रहे लिपिक, प्रयोगशाला परिचर और चतुर्थ श्रैणी कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है।

संघ के अध्यक्ष बेसरिया राम ने इस दौरान कहा कि गैर-शिक्षक पॉलिसी की राह ताक रहे हैं लेकिन उन्हें बिना वजह नौकरी से निकाला जा रहा है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने भी माना है कि बिना वजह गैर-शिक्षकों को नौकरी से निकाला गया है। मुख्यमंत्री ने इस सम्बंध में आगामी उचित कदम उठाने के आदेश जारी किए हैं।

प्रतिनिधिमंडल में विनोद कुमार, राजकुमार, रणजीत सिंह व टीना कुमारी सहित करीब 40 अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि उनकी मांगों सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया है।

स्रोत: पंजाबकेसरी

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